सवाल – अगर किसी को रोज़े की हालत में एहतेलाम हो जाए, तो क्या उस का रोज़ा टूट जाएगा?
اور پڑھوरोज़े की हालत में कफ निगलने का हुकम
सवाल – अगर रोज़ेदार शख़्स रोज़े की हालत में कफ़ अथवा थूक, जो उस के गले में है निगल ले, तो क्या उस का रोज़ा टूट जाएगा?
اور پڑھوरोज़े की हालत में विक्स लगाना
सवाल – क्या रोज़े की हालत में नाक के अन्दर विक्स/बाम वग़ैरह लगाना जाईज़ है?
اور پڑھوरोज़े की हालत में उलटी करना
सवाल – क्या रोज़े की हालत में क़े (उलटी करने) आने से रोज़ा टूट जाता है?
اور پڑھوरोज़े की हालत में होंटों पर वेसलीन वग़ैरह लगाना
सवाल – क्या रोज़े की हालत में होंटों पर वेसलीन अथवा कोई और बाम वग़ैरह का इस्तेमाल करना जाईज़ है?
اور پڑھوरोज़े की हालत में पानी के कुछ बूँदें निगल लेना
सवाल – कुल्ली करने के बाद पानी की कुछ बूँदें (दो अथवा तीन बूँदें ) मेरे मुंह के अन्दर बाक़ा रेह जाते हैं. अगर में उस पानी को ग़लती से निगल लुं, तो क्या मेरा रोज़ा बातिल हो जाएगा? अथवा अगर में उस को जानबुझ कर निगल लू, तो क्या …
اور پڑھوरोज़े की हालत में “एनेमा”लेना जाईज़ है?
सवाल – क्या रोज़े की हालत में “एनेमा” लेना जाईज़ है?
اور پڑھوरोज़े की हालत में औरत के गर्भ अथवा शर्मगाह में कोई चीज़ जांच के लिए दाख़िल करना
सवाल – क्या रोज़े की हालत में बीमारी की मूल्यांकन (तशख़ीस) के लिए औरत के गर्भ (रहम) में कोई चीज़ दाख़िल करने से रोज़ा फ़ासिद हो जाएगा? क्या रोज़े की हालत में शर्मगाह (योनी) के अन्दर कोई चीज़ दाख़िल करने से रोज़ा फ़ासिद हो जाएगा?
اور پڑھوक्या रोज़े की निय्यत ज़बान से करना ज़रूरी है?
सवाल – अगर किसी ने ज़बान से रोज़े की निय्यत नहीं की, तो क्या उस का रोज़ा दुरूस्त होगा? स्पष्ट रहे के उस को ज़हनी तौर पर मालूम है के वह रमज़ान का रोज़ा रख रहा है.
اور پڑھوफ़जर से पेहले जनाबत का ग़ुसल न करने की सूरत में रोज़े का हुकम
सवाल – अगर किसी ने रमज़ान के महीने में एक दिन फ़जर की नमाज़ से पेहले जनाबत का ग़ुसल नहीं किया, बलके उस ग़ुसल को मुअ की नमाज़ से पेहले ग़ुसल जनाबत का ग़ुसल किया, तो क्या उस का रोज़ा दुरूस्त होगा?
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