सवाल: मैं अपने दोस्त से कुछ ख़रीदने गया था। उसने मुझे सामान दे दिया और मुझसे कहा कि बाद में वह मुझसे क़ीमत के बारे में बात करेगा। इस खरीद-फरोख्त का शरई हुक्म क्या है? अगर यह खरीद-फरोख्त दुरुस्त नहीं है, तो इसको सही करने का क्या तरीक़ा है? जवाब: …
اور پڑھوखरीदार का अपना पैसा या खरीदा हुआ सामान भूल जाना
सवाल: मैं एक दुकान में काम करता हूँ। कभी ऐसा होता है कि कोई खरीदार अपना पैसा भूल जाता है और कभी अपना खरीदा हुआ सामान भूल जाता है। ऐसी सूरत में उसके पैसे और खरीदे हुए सामान के साथ क्या किया जाए? जवाब: अगर कोई शख्स अपना पैसा या …
اور پڑھوमुसलमान ख़वातीन (वुमन) का यूट्यूब पर क़ुरआन व हदीस बयान करना
सवाल: कुछ मुसलमान औरतें यूट्यूब की वीडियोज़ में क़ुरआन और हदीस की बातें बयान करती हैं। इस बारे में आपकी क्या राय है? जवाब: यह जायज़ नहीं है। शरीअ़त में हर क़िस्म की फ़ोटोग्राफ़ी और तस्वीर-कशी की मज़म्मत (निंदा/बुराई) की गई है। अहादीसे-मुबारका में इस गुनाहे-कबीरा (बड़े गुनाह) को करने …
اور پڑھوनफ़्ल नमाज़ तोड़ने की क़ज़ा
सवाल: मैंने तहिय्यतुल-मस्जिद की दो रकात नफ़्ल नमाज़ शुरू की और उसी दौरान फ़र्ज़ नमाज़ शुरू हो गई। मैंने फ़ौरन अपनी दो रकात नफ़्ल नमाज़ से निकलने के लिए सलाम फेर दिया। क्या मेरे ऊपर वाजिब है कि मैं उन दो रकात की क़ज़ा करूँ, जिनको मैंने शुरू करके तोड़ …
اور پڑھوवुज़ू में आँखों के किनारों से मैल को दूर करना
सवाल: मैंने सुबह वुज़ू किया और फ़ज्र की नमाज़ अदा की। उसके बाद मैंने देखा कि मेरी आँखों के किनारों में कुछ मैल हैं। क्या इसकी वजह से मेरा वुज़ू सही नहीं हुआ और मेरी नमाज़ दुरुस्त नहीं हुई? जवाब: अगर मैल आँख के अन्दर था और उसने पानी को …
اور پڑھوफ़ज्र की सुन्नतों की क़ज़ा
सवाल: अगर मेरी फ़ज्र की नमाज़ क़ज़ा हो जाए और मैं सोकर उठने के बाद उसे ज़ुहर से पहले (यानी ज़वाल से पहले) पढ़ूँ, तो क्या मैं पहले फ़ज्र की दो रकात सुन्नत पढ़ूँ और फिर फ़र्ज़, या सिर्फ़ फ़र्ज़ पढ़ूँ? जवाब: अगर कोई आदमी उसी दिन की फ़ज्र की …
اور پڑھوवर्ल्ड कप देखना और वर्ल्ड कप के मैचों में टीमों को सपोर्ट करना
सवाल: मोहतरम मुफ़्ती साहब! मौजूदा फुटबॉल वर्ल्ड कप (Football World Cup) के बारे में यह पूछना है कि लोग अपनी पसंदीदा टीम की जीत के लिए दुआ करते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, सदक़ा देते हैं और कुछ लोग अपनी पसंदीदा टीम के गोल करने या मैच जीतने पर सज्दा करते …
اور پڑھوचार रकात फ़र्ज़ नमाज़ में क़ादा-ए-अख़ीरा भूल जाना
सवाल: एक आदमी चार रकात फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ रहा था। चौथी रकात अदा करने के बाद वह क़ादा-ए-अख़ीरा (दूसरे अत्तहियात) के लिए नहीं बैठा; बल्कि भूल कर पाँचवीं रकात के लिए खड़ा हो गया। फिर उसने पाँचवीं रकात में रुकू और सजदा भी कर लिया, उसके बाद वह तशहुद (अत्तहिय्यात) …
اور پڑھوकुरान शरीफ के साथ जुड़े हुए गिलाफ को छूने का मसअला
सवाल: क्या कुरान-शरीफ से मुत्तसिल (यानी जुड़े हुए) गिलाफ को छूने के लिए बा-वज़ू (वज़ू के साथ) होना ज़रूरी है? जवाब: हां। चूंकि यह गिलाफ कुरान-मजीद के साथ मुत्तसिल (जुड़ा हुआ) है; इसलिए इसे छूने के लिए बा-वज़ू होना ज़रूरी होगा। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. (ومنها) حرمة مس …
اور پڑھوसज्दा-ए-तिलावत के मम्नू’ टाइम
सवाल: अगर कोई क़ुरआन मजीद की तिलावत करे और वह सज्दा की आयत पढ़े, तो वह किस वक़्त सज्दा-ए-तिलावत कर सकता है और किस वक़्त सज्दा-ए-तिलावत नहीं कर सकता है? जवाब: सज्दा-ए-तिलावत मकरूह वक़्त में करना मम्नू (मना) है। ये तीन वक़्त हैं: ज़वाल का वक़्त (जब सूरज ठीक सर …
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