फ़तावा

फ़ज्र की सुन्नतों की क़ज़ा

सवाल: अगर मेरी फ़ज्र की नमाज़ क़ज़ा हो जाए और मैं सोकर उठने के बाद उसे ज़ुहर से पहले (यानी ज़वाल से पहले) पढ़ूँ, तो क्या मैं पहले फ़ज्र की दो रकात सुन्नत पढ़ूँ और फिर फ़र्ज़, या सिर्फ़ फ़र्ज़ पढ़ूँ? जवाब: अगर कोई आदमी उसी दिन की फ़ज्र की …

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वर्ल्ड कप देखना और वर्ल्ड कप के मैचों में टीमों को सपोर्ट करना

सवाल: मोहतरम मुफ़्ती साहब! मौजूदा फुटबॉल वर्ल्ड कप (Football World Cup) के बारे में यह पूछना है कि लोग अपनी पसंदीदा टीम की जीत के लिए दुआ करते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, सदक़ा देते हैं और कुछ लोग अपनी पसंदीदा टीम के गोल करने या मैच जीतने पर सज्दा करते …

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चार रकात फ़र्ज़ नमाज़ में क़ादा-ए-अख़ीरा भूल जाना

सवाल: एक आदमी चार रकात फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ रहा था। चौथी रकात अदा करने के बाद वह क़ादा-ए-अख़ीरा (दूसरे अत्तहियात) के लिए नहीं बैठा; बल्कि भूल कर पाँचवीं रकात के लिए खड़ा हो गया। फिर उसने पाँचवीं रकात में रुकू और सजदा भी कर लिया, उसके बाद वह तशहुद (अत्तहिय्यात) …

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कुरान शरीफ के साथ जुड़े हुए गिलाफ को छूने का मसअला

​सवाल: क्या कुरान-शरीफ से मुत्तसिल (यानी जुड़े हुए) गिलाफ को छूने के लिए बा-वज़ू (वज़ू के साथ) होना ज़रूरी है? ​जवाब: हां। चूंकि यह गिलाफ कुरान-मजीद के साथ मुत्तसिल (जुड़ा हुआ) है; इसलिए इसे छूने के लिए बा-वज़ू होना ज़रूरी होगा। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. (ومنها) حرمة مس …

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सज्दा-ए-तिलावत के मम्नू’ टाइम

​सवाल: अगर कोई क़ुरआन मजीद की तिलावत करे और वह सज्दा की आयत पढ़े, तो वह किस वक़्त सज्दा-ए-तिलावत कर सकता है और किस वक़्त सज्दा-ए-तिलावत नहीं कर सकता है? ​जवाब: सज्दा-ए-तिलावत मकरूह वक़्त में करना मम्नू (मना) है। ये तीन वक़्त हैं: ​ज़वाल का वक़्त (जब सूरज ठीक सर …

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ग़ुस्ल में नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को धोना

सवाल: ग़ुस्ल के दौरान मैं अपनी नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को उंगली से धोना भूल गया। क्या मेरा ग़ुस्ल सही है, या मुझे दोबारा ग़ुस्ल करना पड़ेगा? क्या ग़ुस्ल में नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को रगड़ना ज़रूरी है? जवाब: ग़ुस्ल के सही होने के लिए नाफ़ के अंदर उंगली डालना …

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वुज़ू में पैरों की उंगलियों का खिलाल करने का तरीक़ा

सवाल: पैरों की उंगलियों का खिलाल करने का सही तरीक़ा क्या है? जवाब: बाएं हाथ की छोटी उंगली को पैरों की उंगलियों के दरमियान दाखिल करें। दाएं पैर की छोटी उंगली से खिलाल शुरू करें और बाएं पैर की छोटी उंगली पर ख़त्म करें। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. …

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ज़ुहर (Zuhr) से पहले की छूटी हुई सुन्नतें ज़ुहर के बाद अदा करना

सवाल: अगर ज़ुहर से पहले की चार रकात सुन्नतें मैंने नहीं पढ़ीं, तो मैं उन चार रकात सुन्नतों को कब पढूं? क्या ज़ुहर के बाद की दो रकात सुन्नतों से पहले पढूं या दो रकात सुन्नतों के बाद पढूं? जवाब: आप इन चार रकात सुन्नतों को दो रकात सुन्नतों के …

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सुन्नते-ए-मुअकद्दह न पढ़ने वाला

सवाल: अगर कोई आदमी सिर्फ फर्ज़ नमाज़ पढ़े और सुन्नते-ए-मुअकद्दह को पढ़ना छोड़ दे तो उसका क्या हुक्म है? क्या सुन्नते-ए-मुअकद्दह को छोड़कर सिर्फ फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ना गुनाह है? जवाब: अगर कोई सिर्फ फ़र्ज़ नमाज़ पर बस करे और वाजिब नमाज़ (वित्र नमाज़) और सुन्नते-ए-मुअकद्दह न पढ़े तो गुनहगार होगा। …

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बगैर वुज़ू के मस्जिद में दाखिल होना

सवाल: क्या बगैर वुज़ू के मस्जिद में दाखिल होना जायज़ है? जवाब: बगैर वुज़ू के मस्जिद में दाखिल होना जायज़ है; मगर मस्जिद के आदाब में से है कि आदमी मस्जिद में बा-वुज़ू दाखिल हो और जब तक मस्जिद में रहे बा-वुज़ू रहे। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. وَمَن …

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