फ़तावा

वकत की कमी की वजह से तयम्मुम करना

सवाल – अगर जनाबत की हालत में मसलन एहतेलाम हो जाए ओर आंख फ़जर की नमाज़ छुटने में पांच या दस मीनट हों अब वो केसे नमाज़ पढें ? तयम्मुम करके नमाज पढें ओर बाद में गुसल कर के दोबारा नमाज़ पढें ? ओर एक मील में कीतने कीलोमीटर हें …

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इस्तिन्जा के बाद पेशाब के क़तरात निकलना

सवाल – मुझे एक मसअला जिस की वजहसे में बहुत परेशान हुं, कयुंकि में किसी भी सुरत में अपनी नमाज़ को जाईअ करना नही चाहता, मेरे हर बार पेशाब के बाद दो-तीन या उस से ज़्यादा कतरें निकलते हैं. अकसर जब में वुज़ू करता हुं. बराए महेरबानी मुझे यह बता …

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मज़ी का निकलना गुसल के दौरान

सवाल – मेरा सवाल यह है के जब में गुसल करता हुं तो गुसल के दौरान में कुछ पानी निकलता है, शायद मजी, अगर यह पानी निकले तो कया गुसल दोबारा शुरुअ करना पडेगा या नही या फीर दोबारा इस्तिन्जा करे और दोबारा गुसल शुरुअ से करें ?

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नापाकी के आसार (नीशानी) को हाथ के साथ घोना

सवाल – गुसल के दौरान अपने उज्वे मखसुस (पेशाब की जगह) को भी हाथ लगा कर घोना चाहिए या सिर्फ पानी डाला जाए ? और अगर कभी इन्सान के उपर गुसल वाजिब हो जाए ओर मजबूरी की वजह से (पानी न हो) तो कया करना चाहिए ?

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मज़ी और मनी में फ़र्क

सवाल – मैं अकसर अवक़ात किसी से बात करुं तो मेरा पानी निकल जाता है, तो उस पर गुसल करना पडता है और उस से रोज़ह तो बातील(टुटता) नही होता? मेरी निय्यत ख़राब नहीं होती लेकीन पता नही कया मस्अला है, बराए मेहरबानी कुछ बता दें इस बारे में और …

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नमाज़ और तिलावत जनाबत की हालत में

सवाल – कया गुसल फ़र्ज होने के बाद अच्छी तरह वुज़ू करके कुर्आन ओर नमाज़ पढ सकते हैं ? जब के कपडे पाक हों ?

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मय्यित की तकफ़ीन

मय्यित (मर्द) का कफ़न बिछाने और पेहनाने का तरीक़ा (१) मर्दकेकफ़नमेंतीनकपड़े मस्नूनहैः कमीज(कुर्ता), इज़ारऔरलिफ़ाफ़ा(चादर). (२) इज़ारसरसेलेकर पैर तकहोनाचाहिए. लिफ़ाफ़ा(चादर), इज़ारसेथोड़ा लंबाहोऔरकमीज(कुर्ता) गर्दन सेपैरतकहोनाचाहिए....

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