(१) अगर मय्यित का सिर्फ सर मिले और जिस्म न मिले, तो ग़ुसल देना वाजिब नहीं होगा, बल्कि सिर्फ सर को दफ़न कर दिया जाएगा...
اور پڑھوकर्ज़दार के उपर ज़कात
क्या ऐसे साहिबे निसाब पर ज़कात फर्ज है जिस के ज़िम्मे क़र्ज हो ?...
اور پڑھوअहलो अयाल (परीवार) पर ख़र्च करना
सवाल – आशूरा के दिन घरवालों (परीवार) पर ख़र्च करने के बारे में जो हदीस हे, इस के बारे में यह पूछना है कि क्या आशूरा के दिन ही सामान ख़रीद कर घरवालों को देना है या ऐसा भी कर सकते हैं कि मशगूलीयात (व्यस्त होने) की वजह से कुछ …
اور پڑھوआशूरा के मस्नून रोज़े
सवाल – हमें आशूरा का रोज़ा कब रखना चाहिए? बराए-महेरबानी रहनुमाई फरमाएं?
اور پڑھوहालते एहराम में इन्तेक़ाल होने वाले की तजहिज़ व तकफ़ीन
अगर किसी शख़्स का हालते एहराम में इन्तेक़ाल हो जाए(चाहे उसने हज का एहराम बांधा हो या उमरह का), उस की तजहिज़ व तकफ़ीन साधारण हालात में मरने वाले की तरह की जाएगी यअनी उस को शरीअत के अनुसार ग़ुसल दिया जाऐगा और कफ़न पहनाया जाएगा...
اور پڑھوज़कात की फर्ज़िय्यत
सवाल – ज़कात किस पर फ़र्ज है ...
اور پڑھوमुसलमान औरत(स्त्री) की ग़ैर मौजूदगी में मुसलमान औरत को ग़ुसल देने के अहकाम(आदेश)
अगर किसी की बीवी(पत्नी) का इन्तेक़ाल(मृत्यु) हो जाए और उस को ग़ुसल देने वाली कोई मुस्लिम औरत(स्त्री) मौजूद न हो, फिर भी शोहर(पति) के लिए जाईज़ नहीं है के उस को ग़ुसल दे या उस के बदन को नंगे हाथ मस करे...
اور پڑھوमुतफ़र्रिक़ मसाईल
अगर ग़ुसल देने वाला मुसलमान आदमी मौजूद न हो, तो मुरदा आदमी को कैसे ग़ुसल दिया जाए? अगर किसी आदमी का इन्तिक़ाल(मृत्यु) हो जाए और उस को ग़ुसल देने वाला कोई मुसलमान आदमी मौजूद न हो...
اور پڑھوमय्यित का चेहरा देखना और फ़ोटो खींचना
(१) सिर्फ महरम औरत के लिए जाईज़ है के मय्यित(मर्द) का चेहरा देखे. (२) इसी तरह सिर्फ महरम मर्द के लिए जाईज़ है के उस मय्यिता(औरत) का चेहरा देखे...
اور پڑھوबच्चों के कफ़न दफ़न के मसाईल
(१) बलाग़त के क़रीब लड़की और लड़के के कफ़न दफ़न बालिग़ मर्द और औरत की तरह की जाएगी...
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