सवाल – हमें आशूरा का रोज़ा कब रखना चाहिए ? बराए महेरबानी रहनुमाई फरमाएं?
اور پڑھوहालते एहराम में इन्तेक़ाल होने वाले की तजहिज़ व तकफ़ीन
अगर किसी शख़्स का हालते एहराम में इन्तेक़ाल हो जाए(चाहे उसने हज का एहराम बांधा हो या उमरह का), उस की तजहिज़ व तकफ़ीन साधारण हालात में मरने वाले की तरह की जाएगी यअनी उस को शरीअत के अनुसार ग़ुसल दिया जाऐगा और कफ़न पहनाया जाएगा...
اور پڑھوज़कात की फर्ज़िय्यत
सवाल – ज़कात किस पर फ़र्ज है ...
اور پڑھوमुसलमान औरत(स्त्री) की ग़ैर मौजूदगी में मुसलमान औरत को ग़ुसल देने के अहकाम(आदेश)
अगर किसी की बीवी(पत्नी) का इन्तेक़ाल(मृत्यु) हो जाए और उस को ग़ुसल देने वाली कोई मुस्लिम औरत(स्त्री) मौजूद न हो, फिर भी शोहर(पति) के लिए जाईज़ नहीं है के उस को ग़ुसल दे या उस के बदन को नंगे हाथ मस करे...
اور پڑھوमुतफ़र्रिक़ मसाईल
अगर ग़ुसल देने वाला मुसलमान आदमी मौजूद न हो, तो मुरदा आदमी को कैसे ग़ुसल दिया जाए? अगर किसी आदमी का इन्तिक़ाल(मृत्यु) हो जाए और उस को ग़ुसल देने वाला कोई मुसलमान आदमी मौजूद न हो...
اور پڑھوमय्यित का चेहरा देखना और फ़ोटो खींचना
(१) सिर्फ महरम औरत के लिए जाईज़ है के मय्यित(मर्द) का चेहरा देखे. (२) इसी तरह सिर्फ महरम मर्द के लिए जाईज़ है के उस मय्यिता(औरत) का चेहरा देखे...
اور پڑھوबच्चों के कफ़न दफ़न के मसाईल
(१) बलाग़त के क़रीब लड़की और लड़के के कफ़न दफ़न बालिग़ मर्द और औरत की तरह की जाएगी...
اور پڑھوमर्द और औरत के कफ़न से मुतअल्लिक़ कुछ अहम बातेः
(१) इज़ार और लिफ़ाफ़ा लपेटने के वक़्त मुस्तहब यह है के दायें हिस्से को बायें हिस्से के ऊपर लपेटें.[१७] (२) कफ़न पहनाने के बाद कफ़न को मय्यित के सर और पैर की तरफ़ कपड़े के एक टुकड़े से बांध दिया जाए, ताकि कफ़न न खुले...
اور پڑھوमय्यित की तकफ़ीन(औरत)
मय्यित (औरत) का कफ़न बिछाने और पेहनाने का तरीक़ा (१) औरत के लिए कफ़न में पांच कपड़े मस्नून है...
اور پڑھوबच्चे की नापाकी धुलाने के बाद वुज़ू
सवाल – छोटे बच्चों का पाख़ाना वगैरह धुलाने से वुज़ू टूट जाता है क्या ?
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