सवाल: अगर कोई आदमी सिर्फ फर्ज़ नमाज़ पढ़े और सुन्नते-ए-मुअकद्दह को पढ़ना छोड़ दे तो उसका क्या हुक्म है? क्या सुन्नते-ए-मुअकद्दह को छोड़कर सिर्फ फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ना गुनाह है? जवाब: अगर कोई सिर्फ फ़र्ज़ नमाज़ पर बस करे और वाजिब नमाज़ (वित्र नमाज़) और सुन्नते-ए-मुअकद्दह न पढ़े तो गुनहगार होगा। …
اور پڑھوबगैर वुज़ू के मस्जिद में दाखिल होना
सवाल: क्या बगैर वुज़ू के मस्जिद में दाखिल होना जायज़ है? जवाब: बगैर वुज़ू के मस्जिद में दाखिल होना जायज़ है; मगर मस्जिद के आदाब में से है कि आदमी मस्जिद में बा-वुज़ू दाखिल हो और जब तक मस्जिद में रहे बा-वुज़ू रहे। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. وَمَن …
اور پڑھوसजदे में दुआ करना
सवाल: सुन्नत और फ़र्ज़ नमाज़ों के सजदे में कौन सी दुआएं पढ़ सकता हूं? और, क्या नफ़्ल नमाज़ के सजदे में अंग्रेज़ी में दुआ मांग सकता हूं? जवाब: १. सुन्नत और फ़र्ज़ नमाज़ों के सजदे में आप वो तमाम दुआएं जो क़ुरान और हदीस में पाई जाती है अरबी ज़बान …
اور پڑھوमस्बूक के पीछे नमाज़ पढ़ना
सवाल: इमाम के सलाम फेरने के बाद मस्बूक अपनी छूटी हुई रकात पढ़ रहा है। एक शख़्स (जिस की जमात ही छूट गई थी) मस्बूक के साथ नमाज़ में शामिल हो गया और उसके पीछे नमाज़ पढ़ने लगा, तो उसका क्या हुक्म है? क्या उसकी नमाज़ सही होगी? इसी तरह, …
اور پڑھوबच्चे पहली सफ में
सवाल: बच्चो का पहली सफ में मर्दों के साथ खड़े हो जाने के बारे में शरीयत का क्या हुक्म है? क्या यह जायज़ है? जवाब: मर्दों की सफ में बच्चों को नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए; बल्कि बच्चे मर्दो वाली सफ़ों के पीछे अलग सफ बना कर नमाज़ पढ़े। अल्लाह तआला …
اور پڑھوहवाई जहाज़ में नमाज़ पढ़ना
(१) सवाल: अगर मैं हवाई जहाज़ से सफर कर रहा हूं और नमाज़ का वक़्त आ जाए, तो नमाज़ पढ़ने का सही तरीका क्या है और मैं हर नमाज़ के लिये किस वक़्त का एतमाद करुं? जवाब: आप फ़र्ज़ और वित्र की नमाज़ें क़िबला की तरफ रुख करके तमाम रुकन …
اور پڑھوदुआ-ए-कुनूत के बाद दुरूद-शरीफ़ पढ़ना
सवाल: वित्र की नमाज़ में दुआ-ए-कुनूत के बाद दुरूद-शरीफ़ पढ़ने का क्या हुक्म है? क्या इसे पढ़ना चाहिए या नहीं? कुछ लोग कहते हैं कि यह मुस्तहब है। उनकी दलील क्या है? और क्या आम लोगों को इस की तर्गीब दी जा सकती है या नहीं? जवाब: दुआ-ए-कुनूत के बाद …
اور پڑھوहैज़ की हालत में या जनाबत की हालत में कुरान-शरीफ़ का तर्जुमा पढ़ने का हुक्म
सवाल: अगर किसी ने हैज़ की हालत में या जनाबत की हालत में कुराने-करीम का तर्जुमा पढ़ा, लेकिन उसने जानबूझकर ऐसा नहीं किया; बल्कि, वह कोई ऐसा लेख पढ़ रहा था जिसमें कुराने-करीम की किसी आयत का तर्जुमा लिखा हुआ था। जवाब: हैज़ की हालत में या जनाबत की हालत …
اور پڑھوएक मर्द और पुरुष किस उंगली में अंगूठी पहने
सवाल: क्या मैं अपने बाएं हाथ की शहादत वाली उंगली या दरम्यानी उंगली में अंगूठी पहन सकता हूं? जवाब: मर्द के लिये सिर्फ एक चांदी की अंगूठी पहनना जाईज़ है, जो एक मिस्काल से ज़्यादा न हो (यानी 4.374 ग्राम से ज़्यादा न हो)। उन्हें चांदी की अंगूठी अपनी ख़िन्सर …
اور پڑھوक़ुरान-मजीद खत्म करने के बाद सूरह-बक़रह की पहेली पांच आयतें पढना
सवाल – क्या क़ुरान-मजीद पूरा करने के बाद सूरह-बक़रह की पहली पांच आयतें पढ़ना दुरूस्त है? उत्तर: हां, यह दुरूस्त है। हदीस-शरीफ़ में आया है कि जब कोई शख़्स क़ुराने-मजीद खत्म करते हुए सूरह-नास तक पहुँच जाए, तो उसे क़ुराने-करीम फिर से शुरू करना चाहिए और सूरह-फ़ातिहा और सूरह-बक़रह की …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી