सवाल – क्या रोज़ेदार रोज़े के दौरान मस्जिद को सुगंधित करने के लिए लौबान या दूसरी ख़ुश्बुदार चीज़ जला सकता है?
اور پڑھوरोज़े की हालत में हस्तमैथुन
सवाल – अगर कोई व्यक्ति रोज़े की हालत में हस्तमैथुन करे, तो क्या उस का रोज़ा टूट जाएगा ? अगर रोज़ा टूट जाएगा, तो क्या उस पर क़ज़ा और कफ़्फ़ारा दोनों लाज़िम होंगे या मात्र क़ज़ा लाज़िम होगी?
اور پڑھوरोज़े की हालत में फ़ोहश तस्वीर या वीडियो देखने या मात्र तसव्वुर की वजह से स्खलन(इन्ज़ाल)
सवाल – अगर कोई व्यक्ति रोज़े की हालत में फ़ोहश तस्वीर या वीडियो देखने या मात्र तसव्वुर की वजह से स्खलन(इन्ज़ाल) हो जाए, तो क्या उस का रोज़ा फ़ासिद हो जाएगा?
اور پڑھوअठारह और चोबीस कैरेट के सोने पर ज़कात
सवाल:– क्या अठारह (१८) और चोबीस (२४) कैरेट के सोने पर ज़कात फ़र्ज़ है?
اور پڑھوऐसे माल पर ज़कात जो बेचने के इरादे से ख़रीदा गया हो फिर बेचने का इरादा छोड़ दिया गया हो
सवाल:– एक व्यक्ति ने कोई सामान बेचने की निय्यत से ख़रीदा फिर उस ने बेचने का इरादा छोड़ दिया. कुछ दिनो के बाद फिर उस ने उस सामान को बेचने का इरादा किया, तो क्या दोबारा बेचने की निय्यत से उस सामान पर ज़कात फ़र्ज़ होगी?
اور پڑھوज़कात की रक़म से खाने पीने की चीज़ें ख़रीद कर ग़रीब को देना
सवाल:– क्या ज़कात की रक़म से खाने पीने की चीज़ें ख़रीद कर ग़रीबों को खिलाना जाईज़ है? क्या माहे-रमज़ान में ज़कात की रक़म से ग़रीबों को इफ़तार कराना जायज़ है?
اور پڑھوहदिया अथवा क़र्ज़ की सूरत में ज़कात देना
सवाल:– अगर कोई आदमी किसी ग़रीब मुसलमान को कुछ पैसे हदये तथा क़र्ज़ के तौर पर दे दें और देते वक़्त वह ज़कात की निय्यत करे तो क्या इस तरह देने से उसकी ज़कात अदा हो जाएगी?
اور پڑھوक़बर पर मिट्टी ड़ालने का तरीक़ा
हज़रत अबु हुरैरह (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने “एक शख़्स की जनाज़े की नमाज़ पढ़ाई फिर उस की क़बर पर आए और उस के सर की तरफ़ से तीन मर्तबा उस की क़बर पर मट्टी ड़ाली.”...
اور پڑھوमय्यित की तदफ़ीन का तरीक़ा
मय्यित को क़िब्ले की तरफ से लाया जाए और क़बर में इस तरह उतारा जाए के मय्यित को उतारने वाले क़बर में क़िबले की तरफ़ रूख़ कर के खड़े हों. रसूले करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) सहाबए किराम (रज़ि.) को इसी तरह दफ़ण फ़रमाते थे....
اور پڑھوतदफ़ीन से संबंधित मसाईल
(४) औरत के लिए जनाज़े के साथ क़बरस्तान जाना और तदफ़ीन में शिरकत करना ना जाईज़ है...
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