सवाल – वुकूफ़े-अरफ़ा का वक़्त कौन-सा है?
اور پڑھوतीन तबक़ों में ख़ुसूसियत से जाना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाहि अ़लैह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: हमारी तबलीग़ में का…
हज़रत अब्दुल्लाह बिन-मसऊद रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम का एतेमाद (भरोसा)
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: لو كنت مؤمرا أحدا (على جيش) من غير مشورة (الصحابة، عند صعوبة جمعهم…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकू़क़
हम अपनी ज़िंदगी में हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के एहसानात का जायज़ा लें, तो हमें माल…
बदनसीब इन्सान
جابر بن عبد الله رضي الله عنهما يقول: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من ذكرت عنده فلم يصل علي فقد…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – १
मुसीबत-ज़दा लोगों के साथ ताज़ियत इस्लाम एक जामे और मुकम्मल तर्ज़े-ज़िंदगी है। उस में इन्सान की हर ज़…
નવા લેખો
एहराम बांधने के बाद सफर पर कादिर न होना
सवाल – एक आदमी ने हज या उमरह का एहराम बांध लिया, लेकिन उस को ऐसी बिमारी लग गई कि अब वह सफरे-हज पर नहीं जा सकता है, इस मस्अलह में शरीअत क्या कहती है? नीज़ ऐसा आदमी एहराम से कैसे निकलेगा?
اور پڑھوक्या उस औरत पर हज्ज फर्ज हे, जिस के पास महरम न हो
सवाल – एक औरत के पास हज करने की इस्तिता’अत (ताकत) है, मगर उस के साथ जानेवाला कोई महरम रिश्तेदार नहीं है, तो क्या उस पर हज फ़र्ज़ होगा?
اور پڑھوव्यापार संभालने के लिए मुनासिब (उपयुक्त) आदमी न मिलने की वजह से हज्ज बाद में अदा करना ?
सवाल – एक आदमी हज की इस्तिता’अत (ताकत) रखता है, लेकिन वो हज के लिए नहीं जा रहा है, क्योंकि उस को कोई ऐसा मुनासिब आदमी नहीं मिल रहा है, जो उस की गैर मौजुदगी में उस की तिजारत (व्यापार) संभाल सके. इस बारे में शरीअत क्या केहती है?
اور پڑھوकया कई एकड जमीन के मालिक पर हज्ज फर्ज हे ?
सवाल – एक शख्स कई एकड़ ज़मीन का मालिक है ओर वही ज़मीन उस के लिए कमाने का ज़रीआ (स्त्रोत) है अगर वह शखस थोडी ज़मीन या पूरी ज़मीन फरोखत कर दे, तो उस के पास इतना माल होगा, जो हज के लिए काफी होगा तो क्या ऐसे शख्स पर …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી