Monthly Archives: August 2026

सबसे अफ़ज़ल दुरूद

अ़ल्लामा सख़ावी रह़िमहुल्लाह फ़रमाते हैं कि सबसे अफ़ज़ल दुरूद दुरूदे-इब्राहीम है; क्योंकि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम ने सहाबा-ए-किराम रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हुम को यही दुरूद सिखाया था जब उन्होंने आपसे पूछा कि क़ुरआन मजीद में अल्लाह त’आला ने हमें दुरूद पढ़ने का हुक्म दिया है, तो हम क़ुरआन के इस हुक्म को …

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मस्जिद में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय दुरूद पढ़ना

عن أبي حميد أو أبي أسيد الأنصاري رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا دخل أحدكم المسجد فليسلم على النبي صلى الله عليه وسلم ثم ليقل اللهم افتح لي أبواب رحمتك فإذا خرج فليقل اللهم إني أسألك من فضلك (سنن أبي داود، الرقم: ٤٦٥، وسكت …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम की ज़बाने-मुबारक से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु की क़िराअत की तारीफ़

قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من سره أن يقرأ القرآن رطبا كما أنزل فليقرأه على قراءة ابن أم عبد (عبد الله بن مسعود) (مسند أبي يعلى، الرقم: ١٩٤) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: “जो शख़्स क़ुरआन मजीद को उसी तरह (ताज़ा और सही) पढ़ना चाहता है जिस …

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तकब्बुर दूर होने की अलामत

शैखुल-हदीस हज़रत मौलाना मुह़म्मद ज़करिया रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: एक साहब ने ख़त लिखा था कि किब्र (तकब्बुर) के निकलने की अलामत क्या है? मैंने जवाब में लिखवाया कि अगर कोई तुम पर ए’तिराज़ करे, तनक़ीद करे, बुरा कहे, तो देखो! तुम्हारे क़ल्ब (दिल) पर उस का …

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दुरूद शरीफ़ पढ़ने की बरकत से ज़रूरतों की तकमील

“जो शख़्स मेरी क़बर के पास खड़ा हो कर मुझ पर दुरूद पढ़ता है में उस को ख़ुद सुनता हुं और जो किसी और जगह दुरूद पढ़ता है तो उस की दुनिया और आख़िरत की ज़रूरतें पूरी की जाती हैं और में क़यामत के दिन उस का गवाह और उस का सिफ़ारिशी होवुंगा”...

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हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु की ज़िंदगी के आख़िरी लम्हात

لما حضرت سيدنا أبا ذر رضي الله عنه الوفاة، بكت زوجته. فقال لها: ما يبكيك؟ فقالت: وما لي لا أبكي وأنت تموت بفلاة من الأرض قال سيدنا أبو ذر رضي الله عنه: فأبشري ولا تبكي، فإني سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم، يقول: لا يموت بين امرأين مسلمين ولدان …

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फज़ाइले-सदकात – ३१

हज़रत लैस बिन-सा’द रह़िमहुल्लाह की सखावत हारून रशीद ने पांच सौ दीनार (अशर्फियां) एक मर्तबा हज़रत इमाम मालिक रह़िमहुल्लाह की नज़र किये। हज़रत लैस बिन-सा’द रह़िमहुल्लाह को इसका इल्म हुआ तो उन्होनें एक हज़ार दीनार हज़रत इमाम मालिक रह़िमहुल्लाह के पास भेजे। बादशाह को इसका इल्म हुआ तो वह नाराज़ …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता

عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائق، فهو قائم على قبري إذا مت، فليس أحد يصلي علي صلاة إلا قال : يا محمد صلى عليك فلان ابن فلان...

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सबसे बेहतरीन दुरूद

हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ الله وَمَلئِٰكَتَهُ يُصَلُّوْنَ عَلٰى النِّبِيِّ يٰأَيُّهَا الَّذِيْنَ آمَنُوْا صَلُّوْا عَلَيْهِ وَسَلِّمُوْا تَسْلِيْمًا बेशक अल्लाह और उन के फ़रिश्ते नबी (सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम) पर दुरूद भेजते हैं (यानी अल्लाह तआला नबी सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम पर …

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वुज़ू में आँखों के किनारों से मैल को दूर करना

सवाल: मैंने सुबह वुज़ू किया और फ़ज्र की नमाज़ अदा की। उसके बाद मैंने देखा कि मेरी आँखों के किनारों में कुछ मैल हैं। क्या इसकी वजह से मेरा वुज़ू सही नहीं हुआ और मेरी नमाज़ दुरुस्त नहीं हुई? जवाब: अगर मैल आँख के अन्दर था और उसने पानी को …

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