जनाज़े की नमाज़ अदा करने का मस्नून तरीक़ा निम्नलिखित हैः (१) मय्यित को इमाम के सामने इस तरह रख्खा जाए के उस का सर इमाम के दायीं जानिब हो और उस का पैर इमाम के बायीं जानिब हो इसी तरह के मय्यित को इस तरह रख्खा जाए के उस के …
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6 hours ago
तीन तबक़ों में ख़ुसूसियत से जाना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाहि अ़लैह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: हमारी तबलीग़ में का…
7 hours ago
हज़रत अब्दुल्लाह बिन-मसऊद रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम का एतेमाद (भरोसा)
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: لو كنت مؤمرا أحدا (على جيش) من غير مشورة (الصحابة، عند صعوبة جمعهم…
1 day ago
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकू़क़
हम अपनी ज़िंदगी में हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के एहसानात का जायज़ा लें, तो हमें माल…
4 days ago
बदनसीब इन्सान
جابر بن عبد الله رضي الله عنهما يقول: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من ذكرت عنده فلم يصل علي فقد…
6 days ago
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – १
मुसीबत-ज़दा लोगों के साथ ताज़ियत इस्लाम एक जामे और मुकम्मल तर्ज़े-ज़िंदगी है। उस में इन्सान की हर ज़…
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मिस्वाक की सुन्नतें और आदाब-(भाग-३)
मिस्वाक इस्तेमाल करने के मवाक़िअ(अवसर) (१) सो कर उठने के बाद...
اور پڑھوजनाज़े की नमाज़
इस्लाम धर्म ने मुसलमानों को हुक़ूक़ुल्लाह(अल्लाह तआला के अधिकार) और हुक़ूक़ुल इबाद(बंदो के अधिकार) अदा करने का आदेश दिया है. हुक़ूक़ुल इबाद(बंदो के अधिकार) में से दो तरह के अधिकार होते हैं...
اور پڑھوज़कात की तारीख़ से पेहले माल का प्राप्त होना
सवाल:– अगर किसी शख़्स को अपनी ज़कात की तारीख़ से पेहले कुछ अधिक माल मिल जाए,और वह माल उस की ज़कात की तारीख पर उस के पास बाकी रहे तो क्या उस अधिक माल पर भी ज़कात फ़र्ज़ है? मिसाल के तौर पर ज़ैद साहिबे-निसाब (निसाब के बराबर माल का …
اور پڑھوमिस्वाक की सुन्नतें और आदाब-(भाग-२)
(४) दांतों पर चोड़ाई में और ज़बान पर लंबाई में मिस्वाक करना.[५]
عن أبي موسى رضي الله عنه قال دخلت على رسول الله صلى الله عليه وسلم...
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