(१) वुज़ू के वक़्त मिस्वाक से मुंह से साफ़ करना...
اور پڑھوवुज़ू के मसाइल
सवाल – वुज़ू के फराईज़ क्या हैं ? जवाब – वुज़ू में निम्नलिखित चीज़ें फ़र्ज हैः १) एक बार पूरा चेहरा धोना. २) एक बार दोनों हाथ कहोनियों समैत धोना...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-९
२७) अगर आप कीसी बरतन में पानी ले कर वुज़ू कर रहै हैं, तो वुज़ू के बाद बचा हुवा पानी खडे हो कर पी लें. २८) वुज़ू के बाद शर्मगाह के इर्दगीर्द कपडें पर पानी छीड़कना , ताकि बाद में अगर ये शक पैदा हुवा के वुज़ू के बाद पेशाब के कतरें निकल आए हें, तो इस तरह करने से वह शक दूर हो जाएगा. अलबत्ता अगर किसी को यकीन हो के वुज़ू के बाद पेशाब के कतरें निकले हैं...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-८
२२) हर अंग को अच्छी तरह रगड़ना यहां तक के इस बात का यक़ीन हो जाए के पानी हर अंग को पहोंच गया है. २३) तमाम अंग को पै दर पै यानी एक अंग को दूसरे अंग के बाद बगैर किसी ताख़िर के धोना. २४) वुज़ू के दौरान दुन्यवी उमूर के मुतअल्लीक बात चीत न करना...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-७
१९) जब वुज़ू मुकम्मल हो जाए, तो कलीमए शहादत पढना (अगर आप खुली जगह में हें, तो कलीमए शहादत पढते हुए आसमान की तरफ़ देखें). नीज़ अहादिसे मुबारका में वारिद दीगर मस्नून दुआऐं पढना. नीचे कुछ मस्नून दुआऐं नक़्ल की जाती हैं, जो वुज़ू के अंत में पढी जाए...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-६
१६) गर्दन के पिछले हिस्से का ऊंगलीयों के पिछले हिस्से से मसह करना (हलक़ का मसह नही किया जाएगा)...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-५
१३) ऊंगलीयों का ख़िलाल करना. पहले दायें हाथ की ऊंगलीयों का ख़िलाल करना फिर बायें हाथ कि ऊंगलीयों का ख़िलाल का तरीक़ा यह है के बायें हाथ को दायें हाथ के ऊपर रख्खा जाए फ़िर बायें हाथ की ऊंगलीयों को दायें हाथ की ऊंगलियों के बीच फ़ेरा जाए...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-४
१०) तीन बार चेहरा धोना. चेहरा धोने का तरीक़ा ये है के दोनों हाथों में पानी लिया जाए और पूरा चेहरा पेशानी से लेकर ठोङी के नीचे तक और एक कान की लव से दूसरे कान की लव तक इस तरह धोया जाए के पानी आंखो के किनारों और कान …
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-३
७) दायें हाथ से नाक में पानी ड़ालना और अगर नाक साफ़ करने की ज़रूरत हो तो दायें हाथ से साफ़ करना...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-२
४) दोनों हाथों को गट्टों समैत तीन बार धोना.
عن حمران مولى عثمان أن عثمان بن عفان رضى الله عنه دعا بوضوء فتوضأ فغسل كفيه ثلاث مرات...
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