४) दांतो के रंग के बदल जाने या मुंह से बदबू निकलने के वक़्त...
और पढ़ो »मिस्वाक की सुन्नतें और आदाब-(भाग-३)
मिस्वाक इस्तेमाल करने के मवाक़िअ(अवसर) (१) सो कर उठने के बाद...
और पढ़ो »मिस्वाक की सुन्नतें और आदाब-(भाग-२)
(४) दांतों पर चोड़ाई में और ज़बान पर लंबाई में मिस्वाक करना.[५]
عن أبي موسى رضي الله عنه قال دخلت على رسول الله صلى الله عليه وسلم...
और पढ़ो »मिस्वाक की सुन्नतें और आदाब-(भाग-१)
(१) वुज़ू के वक़्त मिस्वाक से मुंह से साफ़ करना...
और पढ़ो »वुज़ू के मसाइल
सवाल – वुज़ू के फराईज़ क्या हैं ? जवाब – वुज़ू में निम्नलिखित चीज़ें फ़र्ज हैः १) एक बार पूरा चेहरा धोना. २) एक बार दोनों हाथ कहोनियों समैत धोना...
और पढ़ो »वुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-९
२७) अगर आप कीसी बरतन में पानी ले कर वुज़ू कर रहै हैं, तो वुज़ू के बाद बचा हुवा पानी खडे हो कर पी लें. २८) वुज़ू के बाद शर्मगाह के इर्दगीर्द कपडें पर पानी छीड़कना , ताकि बाद में अगर ये शक पैदा हुवा के वुज़ू के बाद पेशाब के कतरें निकल आए हें, तो इस तरह करने से वह शक दूर हो जाएगा. अलबत्ता अगर किसी को यकीन हो के वुज़ू के बाद पेशाब के कतरें निकले हैं...
और पढ़ो »वुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-८
२२) हर अंग को अच्छी तरह रगड़ना यहां तक के इस बात का यक़ीन हो जाए के पानी हर अंग को पहोंच गया है. २३) तमाम अंग को पै दर पै यानी एक अंग को दूसरे अंग के बाद बगैर किसी ताख़िर के धोना. २४) वुज़ू के दौरान दुन्यवी उमूर के मुतअल्लीक बात चीत न करना...
और पढ़ो »वुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-७
१९) जब वुज़ू मुकम्मल हो जाए, तो कलीमए शहादत पढना (अगर आप खुली जगह में हें, तो कलीमए शहादत पढते हुए आसमान की तरफ़ देखें). नीज़ अहादिसे मुबारका में वारिद दीगर मस्नून दुआऐं पढना. नीचे कुछ मस्नून दुआऐं नक़्ल की जाती हैं, जो वुज़ू के अंत में पढी जाए...
और पढ़ो »वुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-६
१६) गर्दन के पिछले हिस्से का ऊंगलीयों के पिछले हिस्से से मसह करना (हलक़ का मसह नही किया जाएगा)...
और पढ़ो »वुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-५
१३) ऊंगलीयों का ख़िलाल करना. पहले दायें हाथ की ऊंगलीयों का ख़िलाल करना फिर बायें हाथ कि ऊंगलीयों का ख़िलाल का तरीक़ा यह है के बायें हाथ को दायें हाथ के ऊपर रख्खा जाए फ़िर बायें हाथ की ऊंगलीयों को दायें हाथ की ऊंगलियों के बीच फ़ेरा जाए...
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