क़सम है इन्जीर की और ज़ैतून की (१) और तूरे सीनीन (सयना के पहाड़) की (२) और इस अमन वाले शहर की(मक्का मुअज़्ज़मा की) (३)...
اور پڑھوसुरए अलम नशरह़ की तफ़सीर
क्या हम ने आप का सीना (ईल्म तथा हिल्म से) कुशादा नहीं कर दिया (१) और हम ने आप पर से आप का वह बोझ उतार दिया (२) जिस ने आप की क़मर तोड़ रखी थी (३) और हम ने आप के लिए आप का आवाज़ा(शोहरत) बुलंद किया (४)...
اور پڑھوसुरए द़ुहा की तफ़सीर
इस्लाम के शरूआत में जब के रसूलुल्लाह(सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) मक्का मुकर्रमा में थे चन्द दिनों तक अल्लाह तआला की तरफ़ से वही का सिलसिला मौक़ूफ़ हो गया(रूक गया), तो कुछ काफ़िरों ने आप(सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) को यह ताना देना शुरू कर दिया के...
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી