लेख

मोहब्बत का बग़ीचा (सताईसवां प्रकरण)‎

بسم الله الرحمن الرحيم बच्चे को अल्लाह तआला का परिचय कराना बच्चे की तरबियत अत्यंत अहम है. बच्चे की तरबियत की मिषाल इमारत की बुनियाद की तरह है. अगर इमारत की बुनियाद मज़बूत और पुख़्ता हो, तो इमारत भी मज़बूत और पुख़्ता रहेगी और हर तरह के हालात बरदाश्त करेगी. …

اور پڑھو

मोहब्बत का बग़ीचा (छब्बिसवां प्रकरण)‎

بسم الله الرحمن الرحيم नेक औलाद – आख़िरत की असल पूंजी इन्सान पर अल्लाह तआला की बेश बहा नेअमतों में से एक नेअमत है, क़ुर्आने मजीद में अल्लाह तआला ने इस बड़ी नेअमत का ज़िकर फ़रमाया है. अल्लाह तआला का इरशाद हैः وَاللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّنْ أَنفُسِكُمْ أَزْوَاجًا وَجَعَلَ لَكُم …

اور پڑھو

अम्र बिल मारूफ़ और नही अनिल मुनकर की ज़िम्मे दारी – प्रकरण ३

अम्र बिल मारूफ़ और नही अनिल मुनकर करने वालों की महान फ़ज़ीलत और बुलंद मर्तबा  अम्र बिल मारूफ़ और नही अनिल मुनकर (अच्छे काम का हुकम देना और बुरे काम से रोकना) का फ़रीज़ा दीने इस्लाम में अत्यंत अहम दरजा रखता है. इस ज़िम्मेदारी को इतनी महत्तवता देने की वजह …

اور پڑھو

जनाज़े से संबंधित मुतफ़र्रिक़ मसाईल (१४)

जनाज़ा नमाज़ में नमाज़ी को कहां देखना चाहिए? सवालः- जनाज़ा नमाज़ में निगाह किस जगह होनी चाहिए? जवाबः- जनाज़ा नमाज़ पढ़ने वाले को अपनी निगाह नीची रखनी चाहिए. [१] सुन्नते मुअक्कदह नमाज़ जनाज़ा नमाज़ पर मुक़द्दम सवालः- फ़र्ज़ नमाज़ के बाद अगर जनाज़ा हाज़िर हो, तो क्यु मुसल्ली हज़रात पेहले …

اور پڑھو

इत्तेबाए सुन्नत का प्रबंध – ३

मस्जिद में बाजमाअत नमाज़ अदा करने की सुन्नत का प्रबंध मुहद्दिषे जलील, फ़क़ीहुल असर हज़रत मौलाना ख़लील अहमद (रह.) अपने ज़माने के बहोत बड़े वली थे. वह तबलीग़ के बानी हज़रत मौलाना मोहम्मद इल्यास कांधलवी (रह.) और मुहद्दिषे जलील हज़रत मौलाना शैख़ुल हदीष मोहम्मद ज़करिय्या कांधलवी (रह.) के शैख़ थे …

اور پڑھو

मोहब्बत का बग़ीचा (पच्चीसवां प्रकरण)‎

بسم الله الرحمن الرحيم इस्लाम में ख़ैर ख़्वाही की महत्तवता इस्लाम की तमाम तालीमात (शिक्षाए) में से हर तालीम इन्तिहाई दिल आवेज़ और ख़ूबसूरती को ज़ाहिर करती है. बड़ों का अदब तथा एहतेराम करना, छोटों पर शफ़क़त तथा मेहरबानी करना और वालिदैन और अज़ीज़ो अक़ारिब के अधिकार को पूरा करना …

اور پڑھو

अम्र बिल मारूफ़ और नही अनिल मुनकर की ज़िम्मे दारी – प्रकरण २

अम्र बिल मारूफ़ और नही अनिल मुनकर करने वालों की महान फ़ज़ीलत और बुलंद मर्तबा  दुनिया में हमारा मुशाहदा है के कोई भी मज़हब तथा दीन सिर्फ़ उसी सूरत में बाक़ी रेह सकता है और फैल सकता है, जब उन के लोगों में से कोई जमाअत हो जो उस मज़हब …

اور پڑھو

क़यामत की अलामात (संकेत) – दूसरा प्रकरण

उम्मत के सामने क़यामत की अलामत को बयान करने का मक़सद हज़रत रसूले ख़ुदा (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने अपनी उम्मत को क़यामत की बहोत सी छोटी और बड़ी अलामतों से आगाह किया है. उन में बहोत सी छोटी अलामतें गुज़िश्ता सदियों में ज़ाहिर हो चुकी हैं और बहोत सी छोटी …

اور پڑھو

मोहब्बत का बग़ीचा (चोबीसवां प्रकरण)‎

जिस तरीक़े से अंबिया (अलै.) और सहाबए किराम (रज़ि.) ने मख़लूक़ की ज़रूरतों को पूरा करने की कोशिश की, अल्लाह तआला हमें मख़लूक़ की ख़ैर ख़्वाही की फ़िकर अता फ़रमाई और उन की ज़रूरतों को पूरा करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाई. आमीन....

اور پڑھو

इत्तेबाए सुन्नत का प्रबंध – २

हज़रत मौलाना रशीद अहमद गंगोही (रह.) और उन की इत्तेबाए सुन्नत का प्रबंध हज़रत मौलाना रशीद अहमद गंगोही (रह.) महान दीन के आलिम, जलील मुहद्दिष, बहोत बड़े फ़क़ीह और अपने ज़माने के वलीए कामिल थे. उन का सिलसिलए नसब वंशावली मशहूर सहाबी हज़रत अबु अय्यूब अन्सारी (रज़ि.) तक पहोंचता था. …

اور پڑھو