लेख

किसी दुर्घटना तथा प्राकृतिक आपदा की वजह से मौत

कोई व्यक्ति किसी दुर्घटना तथा प्राकृतिक आपदा(आसमानी आफ़त) की वजह से मर जाए और उस के शरीर का अक्सर हिस्सा सहीह सालिम हो, तो उस को सामान्य तरीक़े के मुताबिक़ ग़ुसल और कफ़न दिया जाएगा और उस की जनाज़े की नमाज़ अदा की जाएगी...

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आसमानी बिजली से या आग से मर जाने वाले की कफ़ण दफ़न और जनाज़े की नमाज़

अगर कोई व्यक्ति आसमानी बिजली के गिरने की वजह से या आग में जल कर मर जाए और उस का शरीर सहीह सालीम हो(अंग बिखरे न हो), तो उस को साधारण तरीक़े के अनुसार ग़ुसल दिया जाएगा...

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गली(सडी) हुई लाश जो फटने के क़रीब हो उस की जनाज़े की नमाज़

अगर मय्यित की लाश इस क़दर गल गई हो के उस को हाथ लगाया जाए, तो आशंका है के वह टुकडे टुकडे हो जाऐंगे तो इस स्थिती में ग़ुसल के लिए बस इतना काफ़ी होगा के उस पर पानी बहा दिया जाए...

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ग़ुसल और जनाज़े की नमाज के बग़ैर दफ़न किए गए मय्यित की जनाज़े की नमाज़

अगर किसी मय्यित को ग़ुसल और जनाज़े की नमाज़ के बग़ैर दफ़न कर दिया गया हो, तो उस की जनाज़े की नमाज़ उस की क़बर पर पढ़ी जाएगी, इस शर्त के साथ के उस की लाश न फटी हो...

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नाबालिग़ बच्चे की जनाज़ा नमाज़ जिस के वालिदैन में से एक मुसलमान हो और एक काफ़िर हो

अगर नाबालिग़ बच्चा जो अक़ल व शुऊर की उमर को नहीं पहुंचा हो मर जाए और उस के वालिदैन में से एक मुसलमान हो और दूसरा काफ़िर हो, तो उस बच्चे को मुसलमान समझा जाएगा और उस की जनाज़े की नमाज़ अदा की जाएगी. अलबत्ता अगर नाबालिग़ बच्चा जो अक़ल …

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ख़ुदकुशी(आत्महत्या) करने वाले की जनाज़े की नमाज़

ख़ुदकुशी(आत्महत्या) करने वाले की जनाज़े की नमाज़ अदा की जाएगी. [१] तमाम मुसलमानों के लिए उस बच्चे की जनाज़े की नमाज़ में शिरकत करना (भाग लेना) जाईज़ है. अलबत्ता अगर कुछ मशहूर और अनुयायी उलमा उस की जनाज़े की नमाज़ में इस निय्यत से शिर्कत न करें के लोगो को …

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अपने वालीदैन के क़ातिल की जनाज़े की नमाज़

इस्लामी मुल्क में उस शख़्स पर जनाज़े की नमाज़ नहीं पढ़ी जाएगी, जिस ने अपनी मां या अपने बाप को जान बुझ कर क़तल किया हो फिर उस को इमामुल मुस्लिमीन(मुस्लिम हाकिम) ने इस जुर्म की सज़ा में क़तल कर दिया हो.[१] नोटः- वालिदैन के क़ातिल पर मुसलमान होने के …

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मसाईले मुतफ़र्रिक़ा(विविध मसाईल)

जुता, चप्पल पहन कर जनाज़े की नमाज़ अदा करना अगर जनाज़े की नमाज़ जुता/चप्पल पहन कर अदा की जाए, तो इस बात का लिहाज़ रख्खा जाए के जुता/चप्पल और ज़मीन दोनों पाक हों. और अगर कोई जुता निकाल कर उस पर खड़े हो कर नमाज़ अदा करे, तो ज़रूरी है के जुता/चप्पल पाक हो...

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नमाज़े जनाज़ा के सहीह होने के लिए मय्यित से मुतअल्लिक़ शरतें

दूसरी क़िसम की शरतें वह हैं जो मय्यित से मुतअल्लिक़ हैं. ऐसी शरतें छ(६) हैं जो निम्नलिखित हैः [1] (१) मय्यित मुसलमान हो. अगर मय्यित काफ़िर या मुरतद हो, तो उस की जनाज़े की नमाज़ अदा नहीं की जाएगी और मुसलमान अगर चे फ़ासिक़ व फ़ाजिर या बिदअती हो, फिर …

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