सवाल: कुछ मुसलमान औरतें यूट्यूब की वीडियोज़ में क़ुरआन और हदीस की बातें बयान करती हैं। इस बारे में आपकी क्या राय है? जवाब: यह जायज़ नहीं है। शरीअ़त में हर क़िस्म की फ़ोटोग्राफ़ी और तस्वीर-कशी की मज़म्मत (निंदा/बुराई) की गई है। अहादीसे-मुबारका में इस गुनाहे-कबीरा (बड़े गुनाह) को करने …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
एक हज़ार दिन तक सत्तर फरिश्तों का सवाब लिखना
عن ابن عباس رضي الله عنهما قال قال رسول الله صلى الله عليه و سلم من قال جزى الله عنا محمدا بما هو أه…
सूरह-फलक़ और सूरह-नास की तफ़सीर – प्रस्तावना
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ﴿١﴾ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
નવા લેખો
बदनसीब इन्सान
جابر بن عبد الله رضي الله عنهما يقول: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من ذكرت عنده فلم يصل علي فقد شقي (عمل اليوم والليلة لابن السني، الرقم: ۳۸۱) हज़रत जाबिर रद़ियल्लाहु अन्हु ने हुज़ूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का यह इर्शाद नक़ल किया है कि जिसके सामने मेरा ज़िकर …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – १
मुसीबत-ज़दा लोगों के साथ ताज़ियत इस्लाम एक जामे और मुकम्मल तर्ज़े-ज़िंदगी है। उस में इन्सान की हर ज़रूरत का ख़याल रखा गया है; चुनांचे इस्लाम ने हमें सिर्फ़ यह नहीं सिखाया कि हम कैसे इन्सान के साथ उस की ज़िंदगी में भलाई वाला सुलूक और मुआमला करें; बल्कि हमें यह …
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के साथ हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की क़ुरबत (नज़दीकी)
عن سيدنا أبي موسى الأشعري رضي الله عنه أنه قال: قدمت أنا وأخي من اليمن (إلى المدينة المنورة)، فمكثنا حينا ما نرى ابن مسعود وأمه إلا من أهل البيت، من كثرة دخولهم ولزومهم له (صحيح البخاري، الرقم: ٤٣٨٤) हज़रत अबू-मूसा अशअ़री रज़ियल्लाहु अ़न्हु बयान करते हैं: “जब मैं और मेरा …
اور پڑھوबे-पर्दगी के ख़तरनाक नताइज (रिज़ल्ट)
हज़रत मौलाना अशरफ़ अ़ली थानवी रह़मतुल्लाहि अ़लैहि ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: “जी हाँ! आज-कल बे-पर्दगी का ज़ोर है। बड़े फ़ित्ने का ज़माना है। यह एतिराज़ किया जाता है कि यह पर्दा औरतों को क़ैद में रखना है। मैं कहता हूँ कि यह क़ैद नहीं; बल्कि हिफ़ाज़त है, जो हर …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી