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दीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना

हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُمْ يُنفِقُونَ (जो कुछ हम ने इन को दिया है, इस में से ख़र्च करते हैं) को सिर्फ़ माल व दौलत से मख़्सूस करने की कोई वजह नहीं; बल्कि अल्लाह त’आला ने ज़ाहिर व बातिन की जो …

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सूरह-नास की तफ़सीर

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ‎﴿١﴾‏ مَلِكِ النَّاسِ ‎﴿٢﴾‏ إِلَٰهِ النَّاسِ ‎﴿٣﴾‏ مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ ‎﴿٤﴾‏ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ ‎﴿٥﴾‏ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ ‎﴿٦﴾‏ आप (ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम लोगों से) कह दीजिए कि मैं पनाह मांगता हूं लोगो के रब की (१) लोगो के बादशाह की (२) लोगो के मा’बूद (खुदा) की (३) उस वसवसा डालने वाले …

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हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु का इल्म

قال سيدنا علي رضي الله عنه عن سيدنا أبي ذر رضي الله عنه: وعى علما عجز فيه (عجز الناس عنه) (طبقات ابن سعد ٢/٣٥٤) हज़रत अली रज़ियल्लाहु अ़न्हु ने हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के बारे में फ़रमाया: “उन्होंने ऐसा इल्म हासिल किया, जिसे दूसरे लोग हासिल नहीं कर सके।” हज़रत …

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सलात ‘अलन्नबी के मायने

‘उलमा ने यहाँ ‘सलात ‘अलन्नबी (नबी पर दरूद भेजने) के कई मायने बयान किए हैं। हर जगह जो मायने अल्लाह त’आला, फ़रिश्तों और मोमिनों के हाल के मुनासिब होंगे, वही मुराद लिए जाएँगे। कुछ ‘उलमा ने लिखा है कि “सलात ‘अलन्नबी” का मतलब नबी की सना (तारीफ़) और ताज़ीम, रहमत …

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मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ​​३

(१) बीमार की इयादत करने से पहले वज़ू करना मुस्तहब है। हज़रत अनस रज़ियल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: “जो शख़्स अच्छी तरह वुज़ू करे (यानी वुज़ू के तमाम सुन्नत और मुस्तहब तरीक़ों का पूरा ख़्याल रखे) और अज्र व सवाब की नीयत से …

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