क़ुर्बानी के जानवर में अक़ीक़े की निय्यत करना

सवाल – अगर क़ुर्रबानी के शुरका (भागीदारो) में से कोई शरीक (भागीदार) क़ुर्रबानी की निय्यत न करे, बल्के अक़ीक़े की निय्यत करे, तो क्या सब शुरका (भागीदारो) की क़ुर्बानी दुरूस्त होगी?

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क़ुर्बानी के शुरका(प्रतिभागियों) में से किसी प्रतिभागि का केवल गोश्त प्राप्त करने की निय्यत करना

सवाल – अगर क़ुर्बानी के शुरका (भागीदार) में से किसी शरीक (भागीदार) की निय्यत सिर्फ गोश्त प्राप्त करने की हो, तो क्या तमाम शुरका (भागीदार) की क़ुर्रबानी फ़ासिद (ख़राब) हो जाएगी?

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दुरूद शरीफ़ पढ़ने से सदक़े का षवाब

عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: أيما رجل مسلم لم تكن عنده صدقة فليقل في دعائه: اللهم صل على محمد عبدك ورسولك وصل على المؤمنين والمؤمنات والمسلمين والمسلمات...

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-११)

(१२) अज़ान के अलफ़ाज़ को मत बिगाड़ो और न ही ऐसे तरन्नुम(राग) और सुर के साथ अज़ान दो के अज़ान के अलफ़ाज़ बिगड़ जाऐं...

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पुल सीरात पर मदद

عن عبد الرحمن بن سمرة رضي الله عنه قال: خرج علينا رسول الله صلى الله عليه وسلم فقال: إني رأيت البارحة عجبا رأيت رجلا من أمتي يزحف على الصراط مرة ويحبو مرة ويتعلق مرة فجاءته صلاته علي فأخذت بيده فأقامته على الصراط حتى جاوزه...

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-१०)

عن عبد الله بن زيد رضي الله عنه قال … فأخبرته بما رأيت فقال: إنها لرؤيا حق إن شاء الله فقم مع بلال فألق عليه ما رأيت فليؤذن به فإنه أندى صوتا منك...

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