हज़रत आंईशा (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह(सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “जो आदमी यह तमन्ना करता है के अल्लाह तआला से इस हाल में मिले के वह (अल्लाह तआला) उस से राज़ी हों, तो...
اور پڑھوबे-मुरव्वती और ना-शुक्री की अलामत
हज़रत क़तादा (रह.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) इरशाद फ़रमाया के “यह असभ्यता…
हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु की तवाज़ु
كان الناس يأتون سيدنا بلالا رضي الله عنه ويذكرون فضله وما قسم الله له من الخير، فيقول بتواضع: إنما أ…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैही व-सल्लम का जन्नत में हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु के जूतों की आवाज़ सुनना
ذات مرة، قال رسول الله صلى الله عليه وسلم لسيدنا بلال رضي الله عنه: سمعت الليلة خشف نعليك بين يدي في…
जुम्आ के दिन दुरूद शरीफ़ पढ़ने की बरकत से दीनी और दुनयवी ज़रूरतों की तकमील
सुलहे हुदैबियह के मोक़े पर नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने हज़रत उषमान (रज़ि.) को मक्का मुकर्…
हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु – इस्लाम के पहले मुअज़्ज़िन
ذكر العلامة ابن الأثير رحمه الله أن سيدنا بلالا رضي الله عنه كان أول من أذن في الإسلام. وكان يؤذّن ل…
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फज़ाइले-आमाल – ३४
शैतान का कौल है कि कलिमा-ए-तय्यिबा और इस्तिग़्फार ने मुझे हलाक कर दिया عن أبي بكر الصديق رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم: عليكم بلا إله إلا الله والاستغفار فأكثروا منهما فإن إبليس قال: أهلكت الناس بالذنوب وأهلكوني بلا إله إلا الله والإستغفار فلما رأيت ذلك …
اور پڑھوहज़रत उम्मे-सलमह रद़ियल्लाहु अन्हा की हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु को अपनी नमाज़े-जनाज़ा पढ़ाने की वसीयत
أوصت أم المؤمنين السيدة أم سلمة رضي الله عنها أن يصلي عليها سعيد بن زيد رضي الله عنه (مصنف ابن أبي شيبة، الرقم: ١١٢٩٩) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की ज़ौजा-ए-मुहतरमा हज़रत उम्मे-सलमह रद़ियल्लाहु अन्हा ने वसीयत की थी कि उन की वफ़ात के बाद हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु उन …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३३
सरीयतुल-अम्बर में फ़क़र की हालत नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने रजब सन् ०८ हिजरी में समुन्दर के किनारे एक लश्कर तीन सौ आदमियों का जिन पर हज़रत अबू-उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु अमीर बनाये गए थे, भेजा । हुज़ूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने एक थैली में खजूरों का तोशा भी दिया। …
اور پڑھوतजीयत की सुन्नतें और आदाब – 1
मुसीबतज़दा लोगों के साथ ताज़ियत (संवेदना व्यक्त करना) इस्लाम एक सम्पूर्ण और व्यापक जीवन-प्रणाली है। इसमें इंसान की हर ज़रूरत का ख़याल रखा गया है। इसलिए इस्लाम ने हमें केवल यह नहीं सिखाया कि हम इंसान के साथ उसकी ज़िन्दगी में भलाई और अच्छा व्यवहार कैसे करें, बल्कि यह भी …
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