हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम ने हज़रत अबू बक्र रज़ि अल्लाहु अन्हु से फरमाया: أنت صاحبي على الحوض (الكوثر يوم القيامة) وصاحبي في الغار (أثناء الهجرة) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٧٠) तुम मेरे साथी होंगे होज़ (कौषर) पर (जैसे हिजरत के समय) तुम गुफा में मेरे साथी थे। हज़रत अबु बक्र …
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
નવા લેખો
क़ुर्आने करीम की सुन्नतें और आदाब – ४
विभिन्नन मवाक़ेअ और समयो के लिए मसनून सूरतें बाज़ विशेष सूरतों के बारे में अहादीषे मुबारका में आया है के उन्हें रात और दिन के विशेष समयो अथवा हफ़ते के विशेष दिनों में पढ़ा जाए, लिहाज़ा इन सूरतों को निश्चित समयो में पढ़ना मुस्तहब हैः (१) सोने से पेहले सुरए …
اور پڑھوबाग़े मुह़ब्बत (बत्तीसवाँ अंक)
शरीक-ए-हयात का इंतिख़ाब – भाग १ जीवनसाथी पसंद करते वक्त हर शख्स के मन में कुछ फिकर और डर होता हैं। लड़के को अच्छी बीवी के इंतिख़ाब की फिकर होती है जो उसके स्वभाव के मुताबिक हो; ताकि वह खुशगवार ज़िन्दगी गुज़ार सके। उसी तरह, उसको यह फिकर होती है …
اور پڑھوउम्मत पर सबसे अधिक दयालु सहाबी
قال سيدنا رسول الله صلى الله عليه وسلم: أرحم أمتي بأمتي أبو بكر (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩٠) हज़रत रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने इरशाद फरमाया कि “मेरी उम्मत में सबसे अधिक मेरी उम्मत पर दयालु (हज़रत) अबु बक्र रदी अल्लाहु अन्हु हैं हज़रत अबु बक्र का रसूले अकरम सल्लल्लाहु …
اور پڑھوसहाबा ए किराम (रज़ि) के लिए जन्नत का वादा
अल्लाह तआला का मुबारक फरमान है: أَعَدَّ اللَّهُ لَهُم جَنّٰتٍ تَجرى مِن تَحتِهَا الأَنهٰرُ خٰلِدينَ فيها ذٰلِكَ الفَوزُ العَظيمُ (سورة التوبة: ۸۹) अल्लाह तआला ने उनके लिए एसे बाग़ात तैयार कर रखे हैं, जिन के नीचे नहरें बेहती हैं, जिन में ये हमेशा रहेंगे। ये बङी कामयाबी है। हज़रत अनस …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી