रसूले करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सहाबा ए किराम रदी अल्लाहु अन्हुम को मुखातब करते हुए फ़रमाया: إني لا أدري ما بقائي فيكم فاقتدوا باللذين من بعدي وأشار إلى أبي بكر وعمر (سنن الترمذی، الرقم: 3663) मुझे मालूम नहीं कि मैं कितने दिन आप लोगों के दरम्यान रहूंगा, इसलिए …
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
નવા લેખો
नमाज़ में इमामत का सबसे ज़्यादा हकदार
नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: لا ينبغي لقوم فيهم أبو بكر أن يؤمهم غيره (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٧٣) जिस मज्मा’ में अबू बकर रदी अल्लाहु अन्हु मौजूद हों, वहां अबू बकर के अलावा किसी और के लिए मुनासिब नहीं है कि वह नमाज़ में लोगों की …
اور پڑھوनबी ए करीम सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम के नजदीक सब से ज्यादा महबूब
سئل سيدنا رسول الله صلى الله عليه وسلم مرة فقيل: يا رسول الله، أي الناس أحب إليك؟ قال: عائشة، قيل: من الرجال؟ قال: أبوها (سنن ابن ماجة، الرقم: ١٠١) एक मर्तबा नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से सवाल किया गया: ऐ अल्लाह के रसूल! लोगों में आप को …
اور پڑھوअल्लाह ताला हजरत अबू बकर रदि अल्लाहु अन्हु को कयामत के दिन अज्र-ओ-षवाब अता फरमायेंगे
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया ما لأحد عندنا يد إلا وقد كافيناه ما خلا أبا بكر فإن له عندنا يدا يكافئه الله به يوم القيامة (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٦١) जिस ने भी हमारे साथ कोई एहसान किया, हम ने उसका बदला (इस दुनिया में) दे दिया सिवाए …
اور پڑھوहज़रत जिब्रील अलयहि अल-सलाम की तरफ से “अस्-सिदीक” का लकब
हज़रत रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मैराज की रात हज़रत जिब्रील अलयहि अल-सलाम से फरमाया: إن قومي لا يصدقوني (إذا أخبرتهم بأنه قد أسري بي)، فقال له جبريل: يصدقك أبو بكر، وهو الصديق (المعجم الأوسط للطبراني، الرقم: ٧١٧٣) मेरी कौम मेरी तस्दीक़ नहीं करेगी (जब मैं उन्हैं मैराज के …
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