दुआ अल्लाह सुब्हानहु व ता’आला की बेशुमार नेमतों और ख़ज़ानों के हुसूल का ज़रिया है। अहादीसे मुबारका में दुआ की बहुत सी फ़ज़ीलतें वारिद हुई हैं। हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का इर्शाद है कि दुआ इबादत का मग़ज़ है। दूसरी हदीस शरीफ़ में नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व …
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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हजरत उमर रदि अल्लाहु अन्हु की महान फजी़लत
पवित्र पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: لو كان نبي بعدي لكان عمر بن الخطاب अगर मेरे बाद कोई नबी होता, तो वह उमर बिन अल-खत्ताब होते (लेकिन चूँकि मैं खातमुल्-अंबिया हूं; इसलिए मेरे बाद कोई नबी नहीं आएगा)। हजरत उमर रदि अल्लाहु अन्हु की तवाजु़ हज़रत मिस्वर बिन …
اور پڑھو(१६) जनाज़े से संबंधित मुतफ़र्रिक़ मसाईल
क़बर पर पौदे का ऊगना सवालः- अगर किसी क़बर पर पौदा उग जाऐ, तो क्या हमें उस का काटना ज़रूरी है? जवाबः- अगर क़बर पर पौदा ख़ुद बख़ुद उग जाऐ, तो उस को छोड़ दे. उस को काटने की ज़रूरत नहीं है. [१] क़बर पर पौदा लगाने अथवा टेहनी रखने …
اور پڑھوहज़रत उमर रदी अल्लाहु अन्हु जन्नत में सबसे ऊंचे मकाम वालो में होंगे
पवित्र पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: إن أهل الدرجات العلى ليراهم من تحتهم كما ترون النجم الطالع في أفق السماء، وإن أبا بكر وعمر منهم وأنعما जन्नत में ऊँचे पद वालों को वे लोग जो उनसे (रैंक में) नीचे होंगे इस तरह देखेंगे जिस तरह तुम आकाश में …
اور پڑھوतलाक़ की सुन्नतें और आदाब – ५
तलाक़ के बाज़ मसाईल (१) तलाक़ सिर्फ़ शौहर का हक़ है और सिर्फ़ शौहर तलाक़ दे सकता है. बिवी तलाक़ नहीं दे सकती है. अलबत्ता अगर शौहर अपनी बिवी को तलाक़ देने का हक़ दे दे, तो इस सूरत में बिवी अपने आप को तलाक़ दे सकती है, लेकिन बिवी …
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