हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी रहिमहुल्लाह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: हातिम असम फ़रमाते हैं कि जब तक कुछ हिस्सा क़ुरान शरीफ़ का और कुछ हिस्सा अपने सिलसिले के मुर्शीद-ओ-बुजुर्ग के मल्फ़ूज़ात-ओ-हिकायत का न पढ़ा जाए, तब तक ईमान की सलामती नज़र नहीं आती। (मुर्शीद=शेख, हिदायत वाला सीधा रास्ता बताने …
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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उम्मत में सबसे ज्यादा ह़या-दार (शर्मीला) शख्स
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: وأصدقهم (أمتي) حياء عثمان (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩١) मेरी उम्मत में सबसे ज्यादा हया-दार शख्स उस्मान बिन अफ्फान हैं। हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु अन्हु की हया हज़रत आयशा रदि अल्लाहु अन्हा फ़रमाती हैं: एक दफा नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मेरे …
اور پڑھوइत्तिबा’-ए-सुन्नत का एहतिमाम- ५
हज़रत शेखुल-हिन्द मौलाना महमूदुल-हसन देवबंदी रहिमहुल्लाह हज़रत शेखुल-हिन्द मौलाना महमूदुल-हसन देवबंदी रहिमहुल्लाह हिन्दुस्तान के एक जलीलुल-क़द्र आलिमे दीन थे। उन की विलादत (पैदाइश) सन हिजरी १२६८ में (सन इस्वी १८५१) हुई। उन का सिलसिला-ए-नसब (खानदानी सिलसिला) हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु अन्हु तक पहुंचता है और वो दारुल उलूम देवबंद के …
اور پڑھوनबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दिल में हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु अन्हु की बेपनाह मोहब्बत
हज़रत अली रदि अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को फ़रमाते हुए सुना: لو أن لي أربعين بنتا زوّجت عثمان واحدة بعد واحدة، حتى لا يبقى منهن واحدة (أي بعد وفاة واحدة، لزوّجته أخرى حتى لا تبقى واحدة منهن) (أسد الغابة ٣/٢١٦) अगर मेरी चालीस …
اور پڑھوतलाक की सुन्नतैं और आदाब – ६
खुला अगर मियां बीवी के दरम्यान सुलह मुमकिन न हो और शौहर तलाक देने से इनकार करे, तो बीवी के लिए जायज़ है कि वह शौहर को कुछ माल या अपना महर दे दे और उसके बदले तलाक ले ले। अगर शौहर ने अभी तक महर अदा नहीं किया है, …
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