नबी ए करीम सल्लल्लाहू अलयही वसल्लम ने एरशाद फरमाया: لكل نبي رفيق في الجنة، ورفيقي فيها عثمان بن عفان (سنن ابن ماجه، الرقم: 109) जन्नत में हर नबी का एक रफ़ीक़ (साथी) होगा और मेरा रफ़ीक़ (जन्नत में) उस्मान बिन अफ्फान होगा। जन्नत में कुंवा खरीदना जब सहाबा ए किराम …
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता
عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائ…
सबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ ا…
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात …
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की …
दीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُ…
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अल्फ़ारुक – हक़ और बातिल के दरमियान फ़र्क करनेवाला
سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: من سمّى عمرَ الفاروقَ؟ قالت: النبي صلى الله عليه وسلم. (الطبقات الكبرى ٣/٢٠٥) एक मर्तबा हज़रत आयशा रदी अल्लाहु अन्हा से पूछा गया: हज़रत उमर रदी अल्लाहु अनहू को “अल्-फ़ारुक” का लक़ब किसने दिया? उन्होंने जवाब दिया: उनको ये लक़ब हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयही …
اور پڑھوनाजायज़ उमूर (कामों) पर चश्म-पोशी (किसी का गुनाह देखते हुए भी अनदेखा करना) अख्लाके नबवी से नहीं है
शेखुल-हदीस हज़रत मौलाना मुहम्मद ज़कारिया रहिमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: एक बात बहुत ध्यान से सुनो, चाहे उसको वसीयत समझो। आज असर के बाद की मजलिस में (उस में जो किताब सुनाई जाती है) ख़ुल्क़े हसन (अच्छे अखलाक) का बार-बार ज़िक्र आया, मुझे इस बारे में एक नसीहत करनी …
اور پڑھوजन्नत के अधेर उम्र वालों के सरदार
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: هذان سيدا كهول أهل الجنة من الأولين والآخرين إلا النبيين والمرسلين (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٦٤) ये दोनों सहाबा (हज़रत अबू बक्र और हज़रत उमर रदि अल्लाहु अन्हुमा) जन्नत के तमाम अगले पिछले अधेर उम्र लोगों के सरदार होंगे (वो लोग जो इन …
اور پڑھوदुवा की सुन्नतें और आदाब – १
दुआ अल्लाह सुब्हानहु व ता’आला की बेशुमार नेमतों और ख़ज़ानों के हुसूल का ज़रिया है। अहादीसे मुबारका में दुआ की बहुत सी फ़ज़ीलतें वारिद हुई हैं। हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का इर्शाद है कि दुआ इबादत का मग़ज़ है। दूसरी हदीस शरीफ़ में नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व …
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