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‘इद्दत की सुन्नतें और आदाब – १

‘इद्दत जब शौहर अपनी बीवी को तलाक दे दे या उसका इन्तेकाल हो जाए या दोनों मिया बीवी के निकाह को फस्ख (ख़तम करना) कर दिया जाए (बशर्ते कि शर’ई अदालत में निकाह के फस्ख करने की शर्तो का लिहाज रखा जाए) तो शरी’अत का हुक्म यह है कि बीवी …

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अदब का दारोमदार ‘उर्फ़ पर है

हज़रत मौलाना अशरफ़ ‘अली थानवी रहिमहुल्लाह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: अदब का दारोमदार सामान्य चलन पर है, ये देखा जाएगा कि ‘उफ़ में यह अदब के खिलाफ समझा जाता है या नहीं। इसी सिलसिले में याद आया कि एक मर्तबा एक खादिम को तंबीह फ़रमाई, जिन्होंने एक ही हाथ …

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हज़रत ‘अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु की शान में गुस्ताखी की संगीनी

नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: من سبّ عليا فقد سبّني (مسند أحمد، الرقم: ٢٦٧٤٨) जिसने ‘अली को बुरा-भला कहा, यक़ीनन उसने मुझे बूरा-भला कहा। हज़रत ‘अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के दिल में आख़िरत का ख़ौफ़ कुमैल बिन ज़ियाद रदि अल्लाहु ‘अन्हु बयान करते हैं: एक मर्तबा मैं …

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हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु का बुलंद तरीन मक़ाम

नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने एक मर्तबा हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु से फ़रमाया: ألا ترضى أن تكون مني بمنزلة هارون، من موسى إلا أنه ليس نبي بعدي (صحيح البخاري، الرقم: ٤٤١٦) क्या तुम इस बात पर राजी़ नहीं हो कि तुम मेरे लिए वैसे ही हो …

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हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के लिए नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की दुआ

नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक मर्तबा हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के लिए यह दुआ फ़रमाई: اللّٰهُمَّ أَدِرِ الْحَقَّ مَعَهُ حَيْثُ دَارَ (جامع الترمذي، الرقم: ٣٧١٤) ऐ अल्लाह! हक़ को उनके साथ फेर दें, जिधर वो फिरें। हजरत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु की बहादुरी गज़व ए उहुद …

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