दुआ की फजी़लतें (१) मोमीन का हथियार हज़रत अली रदि अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि हज़रत रसूले ख़ुदा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि दुआ मोमीन का हथियार, दीन का सुतून और आसमानों और जमीन का नूर है। (२) इबादत का मग़्ज़ हज़रत अनस रदि अल्लाहु अन्हु से …
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता
عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائ…
सबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ ا…
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात …
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की …
दीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُ…
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दीन के लिए अपना जान-ओ-माल क़ुर्बान करना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रहिमहुल्लाह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: दीन में जान की भी कुर्बानी है और माल की भी। तो तब्लीग़ में जान की कुर्बानी यह है कि अल्लाह के वास्ते अपने वतन को छोड़े और अल्लाह के कलिमे (ला-इलाहा इल्लल-लाह मुहम्मदुर रसुलुल्लाह) को फैलाए, दीन की …
اور پڑھوजन्नत की खुशखबरी
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: عثمان في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) उस्मान जन्नत में होंगे (यानी वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशखबरी दी गई)। मस्जिदे ह़राम को कुशादा करने के लिए ज़मीन …
اور پڑھوहज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु का अपने लिए जन्नत खरीदना
गज़व ए तबूक के मौके पर नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु के बारे में फ़रमाया: ما على عثمان ما عمل بعد هذه (أي: ليس عليه أن يعمل عملا أخر لشراء الجنة بعد إنفاقه ست مائة بعير لتجهيز جيش تبوك). (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٠٠) …
اور پڑھوफ़रिश्तों का शर्माना हज़रत उस्मान से
एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: رحم الله عثمان، تستحييه الملائكة (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧١٤) अल्लाह त’आला हज़रत उस्मान पर रहम फरमाए, (वह ऐसे शख्स हैं कि) फ़रिश्ते भी उनके सामने ह़या करते हैं। आखिरत में हिसाब की फिकर एक मर्तबा हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु अपने …
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