ذات مرة، صعد رسول الله صلى الله عليه وسلم جبل حراء ومعه أبو بكر وعمر وعثمان وعلي وطلحة، والزبير وسعد بن أبي وقاص رضي الله عنهم فتحرك (الجبل ورجف)، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم: اسكن حراء فما عليك إلا نبي أو صديق أو شهيد (من صحيح مسلم، الرقم: …
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
નવા લેખો
हज़रत सअ्द रदि अल्लाहु ‘अन्हु से नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की रजामंदी
حدّد سيدنا عمر رضي الله عنه قبل موته ستة من الصحابة الكرام رضي الله عنهم وأمرهم باختيار الخليفة من بينهم، وكان منهم سيدنا سعد رضي الله عنه. قال سيدنا عمر رضي الله عنه عنهم: ما أجد أحدا أحق بهذا الأمر من هؤلاء النفر الذين توفي رسول الله صلى الله عليه …
اور پڑھوदेखने की चिज़ दिल है
हज़रत मौलाना अशरफ़ ‘अली थानवी रहिमहुल्लाह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: लोग आ’माल को देखते हैं; मगर देखने की चिज़ है दिल, कि उसके दिल में अल्लाह और रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की मोहब्बत और ‘अज़मत (इज़्ज़त,बड़ाई) किस क़दर है। देहाती हैं,गंवार लोग हैं; मगर उनके दिल में अल्लाह …
اور پڑھوदुवा की सुन्नतें और आदाब – ४
दुआ की क़ुबूलियत के समय अज़ान और जिहाद के वक्त हज़रत सहल बिन सअ्द रदि अल्लाहु ‘अन्हू से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: दो वक्त की दुआ रद नहीं की जाती हैं या बहुत कम रद की जाती हैं: एक अज़ान के वक्त और दूसरी …
اور پڑھوहज़रत सअ्द रदि अल्लाहु ‘अन्हू के लिए रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पेशीन-गोई
हज-ए-विदा’ के मौके पर जब हज़रत सअ्द रदि अल्लाहु ‘अन्हू बिमार थे और उन्हें अपनी वफ़ात का अंदेशा था, तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उनसे फ़रमाया: ولعلك تخلف حتى ينفع بك أقوام ويضر بك آخرون तुम ज़रूर ज़िन्दा रहोगे; यहां तक कि बहुत से लोगों को आप की …
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