سأل سيدنا عمرو بن العاص رضي الله عنه ذات مرة فقال: يا رسول الله، أي الناس أحبّ إليك؟ قال صلى الله عليه وسلم: عائشة قال: من الرجال (من أحبّ إليك)؟ قال: أبو بكر قال: ثم من؟ قال: عمر قال: ثم من؟ قال: أبو عبيدة بن الجراح (صحيح ابن حبان، الرقم: …
और पढ़ो »सुबह-शाम दुरूद शरीफ़ पढ़ना
عَن ابي الدرداء رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه و سلم مَن صَلَّى عَلَيَّ حِينَ يُصْبِحُ…
हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ि.) का दुरूद
عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللهُ عَنهُمَا أَنَّهُ كَانَ إذَا صَلَّى عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَ…
रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम के बहोत ज़्यादह ख़ुश होने का कारण
عن أبي طلحة الأنصاري رضي الله عنه قال أصبح رسول الله صلى الله عليه وسلم يوما طيب النفس يرى في وجهه ا…
क़यामत के दिन नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम से ज़्यादा निकट शख़्स
عَن عَبدِ اللهِ بنِ مَسعُودٍ رَضِيَ اللهُ عَنهُ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيهِ وَ سَلَّم ق…
दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए ख़ुशख़बरी
عن عبد الرحمن بن عوف رضي الله عنه قال خرج رسول الله صلى الله عليه وسلم فاتبعته حتى دخل نخلا فسجد فأط…
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क़यामत की निशानियां – क़िस्त ६
दज्जाल के दस जिस्मानी और इन्सानी लक्षण मुबारक हदीस में नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने उम्मत के सामने दज्जाल के जिस्मानी और इन्सानी औसाफ़ बयान फ़र्माए हैं। रसूले-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का दज्जाल के जिस्मानी और इन्सानी औसाफ़ को बयान करना इस हकीक़त की तरफ इशारा करता है कि दज्जाल …
और पढ़ो »हज़रत अबू-‘उबैदह रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा का भरोसा
سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: من كان رسول الله صلى الله عليه وسلم مستخلفا لو استخلفه؟ قالت: أبو بكر فقيل لها: ثم من بعد أبي بكر؟ قالت: عمر ثم قيل لها من بعد عمر؟ قالت: أبو عبيدة بن الجراح (صحيح مسلم، الرقم: ٢٣٨٥) हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा से एक …
और पढ़ो »फज़ाइले-आमाल – २३
अल्लाह के ख़ौफ़ के मुतफर्रिक अह़्वाल कुर्आन-शरीफ़ की आयात और हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की अह़ादीस और बुज़ुर्गों के वाक़िआत में अल्लाह जल्ल शानुहू से डरने से मुतअल्लिक जितना कुछ ज़िक्र किया गया है, उसका इह़ाता तो दुश्वार है लेकिन मुख़्तसर तौर पर इतना समझ लेना चाहिए कि दीन के …
और पढ़ो »रसूले-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मुबारक ज़बान से हज़रत अबू-‘उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु की तारीफ़
एक मर्तबा रसूले-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत अबू-‘उबैदह रद़िय अल्लाहु अन्हु की तारीफ़ करते हुए फ़र्माया: نعم الرجل أبو عبيدة بن الجراح (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩٥) अबू-‘उबैदह बिन जर्राह़ (रद़िय अल्लाहु अन्हु) बहुत अच्छे इन्सान हैं। हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु का दुनिया के माल-सामान से पहलू बचाना जब …
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