નવા લેખો

अल-अतीक – जहन्नम की आग से आज़ाद

كان سيدنا رسول الله صلى الله عليه وسلم جالسا مع أصحابه مرة، فنظر إلى سيدنا أبي بكر رضي الله عنه وقال: هذا عتيق الله من النار فيومئذ سمي سيدنا أبو بكر رضي الله عنه عتيقا (مسند البزار، الرقم: ٢٢١٣، مجمع الزوائد، الرقم: ١٤٢٨٩) एक बार नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि …

اور پڑھو

उम्मते मुहम्मदिया में सबसे श्रेष्ठ इंसान

नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: إن أبا بكر خير ممن طلعت عليه الشمس أو غربت (رواه الطبراني كما في مجمع الزوائد، الرقم: ١٤٣١٤) नि:संदेह अबू बक्र रदियल्लाहु अन्हु (मेरी उम्मत में) सबसे श्रेष्ठ इंसान हैं, जिन पर सूरज उगा या डूबा। उम्मते मुहम्मदिया में सबसे श्रेष्ठ इंसान …

اور پڑھو

गुफा में और ह़ोज़े कौषर पर रसूले करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम का सहवास

हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम ने हज़रत अबू बक्र रज़ि अल्लाहु अन्हु से फरमाया:  أنت صاحبي على الحوض (الكوثر يوم القيامة) وصاحبي في الغار (أثناء الهجرة) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٧٠)  तुम मेरे साथी होंगे होज़ (कौषर) पर (जैसे हिजरत के समय) तुम गुफा में मेरे साथी थे। हज़रत अबु बक्र …

اور پڑھو

क़ुर्आने करीम की सुन्नतें और आदाब – ४

विभिन्नन मवाक़ेअ और समयो के लिए मसनून सूरतें बाज़ विशेष सूरतों के बारे में अहादीषे मुबारका  में आया है के उन्हें रात और दिन के विशेष समयो अथवा हफ़ते के विशेष दिनों में पढ़ा जाए, लिहाज़ा इन सूरतों को निश्चित समयो में पढ़ना मुस्तहब हैः (१) सोने से पेहले सुरए …

اور پڑھو

बाग़े मुह़ब्बत (बत्तीसवाँ अंक)

शरीक-ए-हयात का इंतिख़ाब – भाग १ जीवनसाथी पसंद करते वक्त हर शख्स के मन में कुछ फिकर और डर होता हैं। लड़के को अच्छी बीवी के इंतिख़ाब की फिकर होती है जो उसके स्वभाव के मुताबिक हो; ताकि वह खुशगवार ज़िन्दगी गुज़ार सके। उसी तरह, उसको यह फिकर होती है …

اور پڑھو