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फज़ाइले-आमाल – ८

हज़रत सुहैब रद़िय अल्लाहु अन्हु का इस्लाम हजरत सुहैब रद़िय अल्लाहु अन्हु भी हजरत अम्मार रद़िय अल्लाहु अन्हु ही के साथ मुसलमान हुए।नबी-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हजरत अरक़म रद़िय अल्लाहु अन्हु के मकान पर तशरीफ़ फ़रमा थे कि ये दोनों हज़रात अलाह़िदा अलाह़िदा हाज़िर-ए-खिदमत हुए और मकान के दरवाज़े पर …

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मेहमान का इकराम

एक वक्त ऐसा हुआ कि शायद बारिश वगैरह की वजह से मौलाना के यहाँ गोश्त नहीं आ सका और उस दिन मेहमानों में मेरे एक मोह़तरम बुजुर्ग (जो हज़रत मौलाना के खास अज़ीज़ भी हैं) वो भी थे, गोश्त से रग्बत हज़रत मौलाना को मालूम थी, यह आजिज़ भी हाज़िर …

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फज़ाइले-आमाल – ७

हज़रत ‘अम्मार रद़िय अल्लाहु अन्हु और उनके वालिदैन का ज़िक्र हजरत अम्मार रद़िय अल्लाहु अन्हु और उनके मां-बाप को भी सख्त से सख्त तक्लीफ़ें पहुंचाई गईं। मक्का की सख्त गर्म और रेतीली ज़मीन में उनको अज़ाब दिया जाता और हुज़ूरे अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का उस तरफ़ गुजर होता तो …

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हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू के लिए जन्नत की खुशख़बरी

हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: زبير في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) ज़ुबैर जन्नत में होंगे। (यानी वह उन लोगों में से हैं, जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशख़बरी दी गई।) उहुद की लड़ाई के बाद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही …

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फज़ाइले-सदकात – ६

‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह निशानियाँ इमाम गज़ाली रहिमहुल्लाह फरमाते हैं कि जो आलिम दुनियादार हो वह अह़वाल (हालत,परिस्थिति,मुआमले) के एतिबार से जाहिल से ज़्यादा कमीना है और अज़ाब के एतिबार से ज़्यादा सख़्ती में मुब्तला होगा और कामयाब और अल्लाह-तआला के यहां मुकर्रब उलमा-ए-आख़िरत हैं जिनकी चंद आलमतें हैं। पहेली अलामत: …

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