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नमाज़ में इमामत का सबसे ज़्यादा हकदार

नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: لا ينبغي لقوم فيهم أبو بكر أن يؤمهم غيره (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٧٣) जिस मज्मा’ में अबू बकर रदी अल्लाहु अन्हु मौजूद हों, वहां अबू बकर के अलावा किसी और के लिए मुनासिब नहीं है कि वह नमाज़ में लोगों की …

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नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम के नजदीक सब से ज्यादा महबूब

سئل سيدنا رسول الله صلى الله عليه وسلم مرة فقيل: يا رسول الله، أي الناس أحب إليك؟ قال: عائشة، قيل: من الرجال؟ قال: أبوها (سنن ابن ماجة، الرقم: ١٠١) एक मर्तबा नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से सवाल किया गया: ऐ अल्लाह के रसूल! लोगों में आप को …

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अल्लाह ताला हजरत अबू बकर रदि अल्लाहु अन्हु को कयामत के दिन अज्र-ओ-षवाब ‎अता फरमायेंगे

हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया ما لأحد عندنا يد إلا وقد كافيناه ما خلا أبا بكر فإن له عندنا يدا يكافئه الله به يوم القيامة (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٦١) जिस ने भी हमारे साथ कोई एहसान किया, हम ने उसका बदला (इस दुनिया में) दे दिया सिवाए …

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हज़रत जिब्रील अलयहि अल-सलाम की तरफ से “अस्-सिदीक” का ‎लकब

हज़रत रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मैराज की रात हज़रत जिब्रील अलयहि अल-सलाम से फरमाया: إن قومي لا يصدقوني (إذا أخبرتهم بأنه قد أسري بي)، فقال له جبريل: يصدقك أبو بكر، وهو الصديق (المعجم الأوسط للطبراني، الرقم: ٧١٧٣) मेरी कौम मेरी तस्दीक़ नहीं करेगी (जब मैं उन्हैं मैराज के …

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शुक्र और नाशुक्री की बुनियाद

हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी (रहिमहुल्लाह) ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमायाः इन्सान के दिल में नाशुक्री इस से पैदा होती है कि आदमी अल्लाह की मौजूदा और जो हासिल है उस ने’मतो पर तो नजर न करे और जो चीज हासिल नहीं, सिर्फ उसको देखता रहे। इसके बरखिलाफ (विपरीत) जो …

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