નવા લેખો

ज़िल हिज्जह की सुन्नतें और आदाब

(१) ज़िल हिज्जह के पेहले दस दिनों में ख़ूब इबादत करें. इन दस दिनों में इबादत करने की बहोत ज़्यादा फ़ज़ीलतें वारिद हुई हैं. हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रदी अल्लाहु अन्हु  से रिवायत है के नबिए करीम सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया के “जो भी नेक अमल साल के …

اور پڑھو

हजरत उमर रदि अल्लाहु अनहु का खुले तौर पर हक़ बात केहना

एक बार, हजरत उमर रदि अल्लाहु अनहु के लिए खास दुआ करते हुए, नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया:‎ رحم الله عمر، يقول الحق (بكل صراحة) وإن كان مرا (للناس)، تركه الحق وما له صديق (يراعيه عند قول ‏الحق) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧١٤)‏ अल्लाह उमर पर रहम करे! वह …

اور پڑھو

हज़रत उमर रदि अल्लाहु अन्हु के रास्ते से शैतान का भागना

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हज़रत उमर रदि अल्लाहु अन्हु से फरमाया: إِيْهٍ يا ابن الخطاب، والذي نفسي بيده ما لقيك الشيطان سالكا فجا قط إلا سلك فجا غير فجك (صحيح البخاري، الرقم: ٣٦٨٣) ऐ खत्ताब के बेटे! उसकी क़सम जिसके क़ब्ज़े में मेरी जान है! शैतान …

اور پڑھو

दीन के अ’हकाम में सबसे ज्यादा मजबूत ‎

हज़रत नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: وأشدهم في أمر الله عمر (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩١) मेरी उम्मत में अल्लाह तआला के दीन के मामले में सबसे मजबूत उमर है (यानी वह निहायत मजबूती के साथ भलाई का हुक्म करने का और बुराई से रोकने का फ़रीज़ा …

اور پڑھو

नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दो वजीर

नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: ما من نبي إلا له وزيران من أهل السماء ووزيران من أهل الأرض، فأما وزيراي من أهل السماء فجبريل وميكائيل، وأما وزيراي من أهل الأرض فأبو بكر وعمر (سنن الترمذي، الرقم: 3680) जो भी नबी गुज़रे, उस के लिए आसमान वालों में …

اور پڑھو