पवित्र पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: لو كان نبي بعدي لكان عمر بن الخطاب अगर मेरे बाद कोई नबी होता, तो वह उमर बिन अल-खत्ताब होते (लेकिन चूँकि मैं खातमुल्-अंबिया हूं; इसलिए मेरे बाद कोई नबी नहीं आएगा)। हजरत उमर रदि अल्लाहु अन्हु की तवाजु़ हज़रत मिस्वर बिन …
اور پڑھوहज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
નવા લેખો
(१६) जनाज़े से संबंधित मुतफ़र्रिक़ मसाईल
क़बर पर पौदे का ऊगना सवालः- अगर किसी क़बर पर पौदा उग जाऐ, तो क्या हमें उस का काटना ज़रूरी है? जवाबः- अगर क़बर पर पौदा ख़ुद बख़ुद उग जाऐ, तो उस को छोड़ दे. उस को काटने की ज़रूरत नहीं है. [१] क़बर पर पौदा लगाने अथवा टेहनी रखने …
اور پڑھوहज़रत उमर रदी अल्लाहु अन्हु जन्नत में सबसे ऊंचे मकाम वालो में होंगे
पवित्र पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: إن أهل الدرجات العلى ليراهم من تحتهم كما ترون النجم الطالع في أفق السماء، وإن أبا بكر وعمر منهم وأنعما जन्नत में ऊँचे पद वालों को वे लोग जो उनसे (रैंक में) नीचे होंगे इस तरह देखेंगे जिस तरह तुम आकाश में …
اور پڑھوतलाक़ की सुन्नतें और आदाब – ५
तलाक़ के बाज़ मसाईल (१) तलाक़ सिर्फ़ शौहर का हक़ है और सिर्फ़ शौहर तलाक़ दे सकता है. बिवी तलाक़ नहीं दे सकती है. अलबत्ता अगर शौहर अपनी बिवी को तलाक़ देने का हक़ दे दे, तो इस सूरत में बिवी अपने आप को तलाक़ दे सकती है, लेकिन बिवी …
اور پڑھوमशवरा का महत्व
हज़रत मौलाना मुहमंद इल्यास साहब (रह.) ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमायाः मशवरा बहुत बड़ी चीज़ है, अल्लाह का वादा है कि जब तुम मशवरा के लिए अल्लाह पर भरोसा करके जम के बैठोगे तो उठने से पहले तुमको सीधे रास्ते की तौफीक मिल जाएगी। (मलफ़ूज़ात हज़रत मौलाना मुहमंद इल्यास साहब …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી