हज़रत अली रदि अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को फ़रमाते हुए सुना: لو أن لي أربعين بنتا زوّجت عثمان واحدة بعد واحدة، حتى لا يبقى منهن واحدة (أي بعد وفاة واحدة، لزوّجته أخرى حتى لا تبقى واحدة منهن) (أسد الغابة ٣/٢١٦) अगर मेरी चालीस …
اور پڑھوमुलाक़ात के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत अनस (रज़ि.) से रिवायत है के नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “दो एसे मु…
मस्जिद में दाख़िल होने और मस्जिद से निकलने के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
عن فاطمة رضي الله عنها قالت: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا دخل المسجد صلى على محمد وسلم وقال …
फ़ज़र की नमाज़ और मग़रिब की बाद सो (१००) बार दुरूद शरीफ़
तो हज़रत उम्मे सुलैम (रज़ि.) ने एक शीशी ली और उस में आप (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का मुबारक पसीना जम…
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के चार मुअज़्ज़िन
حظي أربعة من الصحابة رضي الله عنهم بشرف كونهم مؤذني رسول الله صلى الله عليه وسلم. اثنان عينهما رسول …
हज़रत जिब्रील ‘अलैहिस्सलाम और रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की बद-दुआ
जो बुलंद आवाज़ से दुरूद शरीफ़ पढ़ेगा, उस को जन्नत मिलेगी, तो में ने और मजलिस के दीगर लोगों ने भी बुल…
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तलाक की सुन्नतैं और आदाब – ६
खुला अगर मियां बीवी के दरम्यान सुलह मुमकिन न हो और शौहर तलाक देने से इनकार करे, तो बीवी के लिए जायज़ है कि वह शौहर को कुछ माल या अपना महर दे दे और उसके बदले तलाक ले ले। अगर शौहर ने अभी तक महर अदा नहीं किया है, …
اور پڑھوअपनी शरीके हयात (बीवी) के साथ हिजरत करने वाला पेहला शख्स
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयही वसल्लम ने एरशाद फरमाया: إن عثمان لأول من هاجر إلى الله بأهله بعد لوط बेशक उसमान पेहले शख्स है जिन्होंने अपनी बीवी के साथ अल्लाह तआला के रास्ते हिजरत की नबी इब्राहीम और नबी लूत अलैहिमुस्सलाम के बाद। પત્ની સાથે સ્થળાંતર કરનાર પ્રથમ મુસ્લિમ હઝરત અનસ …
اور پڑھوनबी ए करीम सल्लल्लाहू अलयही वसल्लम के खास सहाबी
नबी ए करीम सल्लल्लाहू अलयही वसल्लम ने एरशाद फरमाया: لكل نبي رفيق في الجنة، ورفيقي فيها عثمان بن عفان (سنن ابن ماجه، الرقم: 109) जन्नत में हर नबी का एक रफ़ीक़ (साथी) होगा और मेरा रफ़ीक़ (जन्नत में) उस्मान बिन अफ्फान होगा। जन्नत में कुंवा खरीदना जब सहाबा ए किराम …
اور پڑھوअल्फ़ारुक – हक़ और बातिल के दरमियान फ़र्क करनेवाला
سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: من سمّى عمرَ الفاروقَ؟ قالت: النبي صلى الله عليه وسلم. (الطبقات الكبرى ٣/٢٠٥) एक मर्तबा हज़रत आयशा रदी अल्लाहु अन्हा से पूछा गया: हज़रत उमर रदी अल्लाहु अनहू को “अल्-फ़ारुक” का लक़ब किसने दिया? उन्होंने जवाब दिया: उनको ये लक़ब हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयही …
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