سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: أي أصحاب رسول الله صلى الله عليه وسلم كان أحب إلى رسول الله؟ قالت: أبو بكر قيل: ثم من (كان أحب إلى رسول الله من أصحابه)؟ قالت: عمر قيل: ثم من (كان أحب إلى رسول الله) ؟ قالت: ثم أبو عبيدة بن الجراح (سنن …
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
નવા લેખો
फज़ाइले-सदकात – ११
‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह अलामात छठी अलामत: छठी अलामत उलमा-ए-आख़िरत की यह है कि फत्वा सादिर कर देने में जल्दी न करे। मसअला बताने में बहुत एहतियात करे, हत्तल-वुसअ (जहां तक हो सके) अगर कोई दूसरा अहल हो तो उस के हवाले कर दे। अबू-हफ़्स नीशापूरी रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि आलिम …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – १०
‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह अलामात पांचवीं अलामत: उलमा-ए-आख़िरत की यह है कि सलातीन और हुक्काम से दूर रहें, (बिला ज़रूरत के) उनके पास हरगिज़ न जाएं, बल्कि वो ख़ुद भी आएं, तो मुलाकात कम रखें। इसलिए कि उनके साथ मेल-जोल, उनकी खुशनूदी और रिज़ा-जोई में तकल्लुफ बरतने से खाली न होगा। …
اور پڑھوहज़रत अबू-‘उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु के लिए जन्नत की बशारत
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़र्माया: أبو عبيدة في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) अबू-‘उबैदा जन्नत में होंगे। (यानी वह उन लोगों में से हैं जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशखबरी दी गई।) हज़रत ‘उमर रद़ियल्लाहु ‘अन्हु की आरज़ू …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – १८
हज़रत इब्ने अब्बास रद़ियल्लाहु अन्हुमा की नसीहत वहब बिन मुनब्बह रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि हजरत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रद़ियल्लाहु अन्हुमा की ज़ाहिरी बीनाई (आंखो की रौशनी) जाने के बाद, मैं उनको ले जा रहा था। वह मस्जिदे ह़राम में तशरीफ़ ले गए। वहां पहुंचकर एक मज्मे’ से कुछ झगड़े की …
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