मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात नहीं, (यह बीमारी) पाक-साफ करने वाली है, इन्शाअल्लाह।” (सहीह बुख़ारी) (अर्थात तुम्हें बिल्कुल भी चिंता करने या डरने की आवश्यकता नहीं है। तुम्हें शुद्ध किया जा रहा है। आध्यात्मिक रूप से …
اور پڑھوतीन तबक़ों में ख़ुसूसियत से जाना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाहि अ़लैह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: हमारी तबलीग़ में का…
हज़रत अब्दुल्लाह बिन-मसऊद रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम का एतेमाद (भरोसा)
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: لو كنت مؤمرا أحدا (على جيش) من غير مشورة (الصحابة، عند صعوبة جمعهم…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकू़क़
हम अपनी ज़िंदगी में हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के एहसानात का जायज़ा लें, तो हमें माल…
बदनसीब इन्सान
جابر بن عبد الله رضي الله عنهما يقول: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من ذكرت عنده فلم يصل علي فقد…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – १
मुसीबत-ज़दा लोगों के साथ ताज़ियत इस्लाम एक जामे और मुकम्मल तर्ज़े-ज़िंदगी है। उस में इन्सान की हर ज़…
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हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की ख़बर मिली, तो वे बहुत रोए और फ़रमाया: أخي وخليلي، عاش وحده (في الربذة)، ومات وحده، ويبعث وحده (من الربذة)، طوبى له (البشارة بالجنة). (الاستيعاب ١/٢٥٣) “वे (यानी हज़रत अबू-ज़र) मेरे भाई और मेरे क़रीबी दोस्त …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३८
हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु की सदक़ा के दूध से क़ै हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु ने एक मर्तबा दूध नोश फ़र्माया कि उस का मज़ा कुछ अजीब सा, नया सा मालूम हुआ। जिन साहब ने पिलाया था, उन से दरियाफ़्त फ़र्माया कि यह दूध कैसा है? कहां से आया है? उन्होंने …
اور پڑھوदीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُمْ يُنفِقُونَ (जो कुछ हम ने इन को दिया है, इस में से ख़र्च करते हैं) को सिर्फ़ माल व दौलत से मख़्सूस करने की कोई वजह नहीं; बल्कि अल्लाह त’आला ने ज़ाहिर व बातिन की जो …
اور پڑھوहज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु का इल्म
قال سيدنا علي رضي الله عنه عن سيدنا أبي ذر رضي الله عنه: وعى علما عجز فيه (عجز الناس عنه) (طبقات ابن سعد ٢/٣٥٤) हज़रत अली रज़ियल्लाहु अ़न्हु ने हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के बारे में फ़रमाया: “उन्होंने ऐसा इल्म हासिल किया, जिसे दूसरे लोग हासिल नहीं कर सके।” हज़रत …
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