हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: زبير في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) ज़ुबैर जन्नत में होंगे। (यानी वह उन लोगों में से हैं, जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशख़बरी दी गई।) उहुद की लड़ाई के बाद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही …
اور پڑھوअबिंया अलैहिमुस्सलाम के नाइबिन
हज़रत मौलाना मुहम्मद इलियास साहब (र.ह.) ने एक बार अपने तलबा से इर्शाद फरमाया: तूम अपनी कदरो कीमत पहच…
हज़रत अबू ज़र रज़ियल्लाहु अन्हु की नबी ईसा अलैहिस्सलाम से मुशाबहत
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من أحب أن ينظر إلى المسيح عيسى ابن مريم إلى بره وصدقه وجده (اجتهاد…
दूसरे अंबिया अलैहिमुस्सलाम के साथ रसूले-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम पर दुरूद भेजना
जब तुम अंबिया (अलै.) पर दुरूद भेजो, तो उन के साथ मुझ पर दुरूद भेजो, क्युंकि में भी रसूलों में से एक …
दुरूद-शरीफ न पढ़ना क़ियामत के दिन हसरत और अफ़सोस का सबब
हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़्वाब में ज़ियारत हुई के हुज़ूरे अकद़स (सल्लल्लाहु अलयहि…
मोहब्बत का बाग (किस्त: ८४)
हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की अज़ीम कुर्बानियां अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम पर अलग-अलग…
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फज़ाइले-सदकात – ६
‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह निशानियाँ इमाम गज़ाली रहिमहुल्लाह फरमाते हैं कि जो आलिम दुनियादार हो वह अह़वाल (हालत,परिस्थिति,मुआमले) के एतिबार से जाहिल से ज़्यादा कमीना है और अज़ाब के एतिबार से ज़्यादा सख़्ती में मुब्तला होगा और कामयाब और अल्लाह-तआला के यहां मुकर्रब उलमा-ए-आख़िरत हैं जिनकी चंद आलमतें हैं। पहेली अलामत: …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – ५
अपने आमाल को हकीर समझना सदका देने के बारे में एक अदब यह है कि अपने सदके को ह़कीर समझे, उसको बड़ी चीज़ समझने से ‘उज्ब (खुद पसंदी) पैदा होने का अंदेशा है, जो बड़ी हलाकत की चीज़ है और नेक आमाल को बर्बाद करने वाली है। हक तआला शानुहू …
اور پڑھوजन्नत में रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैही व-सल्लम का पड़ोसी
हज़रत ‘अली रद़ियल्लाहु ‘अन्हु ने हज़रत तल्हा और ज़ुबैर रद़ियल्लाहु ‘अन्हुमा के बारे में फरमाया: سمعت أذني مِن فِيْ رسول الله صلى الله عليه وسلم وهو يقول: طلحة والزبير جاراي في الجنة. (جامع الترمذي، الرقم: ٣٧٤١) मेरे कान ने बराहे-रास्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम के मुबारक मुंह से यह इरशाद …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ६
हज़रत खब्बाब बिन अल-अरत्त रद़ियल्लाहु ‘अन्हु की तकलीफ़ें हज़रत खब्बाब बिन अल-अरत्त रद़ियल्लाहु ‘अन्हु भी उन्हीं मुबारक हस्तियों में हैं, जिन्होंने इम्तिहान के लिए अपने आप को पेश किया था और अल्लाह के रास्ते में सख्त से सख्त तक्लीफ़ें बर्दाश्त की। शुरू ही में पांच-छः आदमियों के बाद मुसलमान हो …
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