जो शख्स ऐसे लोगों को सलाह देता है जो दीन से दूर हैं और उनके पास दीन की सही समझ नहीं है, तो उसके लिए ज़रूरी है कि वह उनके साथ नरमी से बात करे। नरमी से बात करने के साथ साथ उसको चाहिए कि वो किसी भी तरीके से …
اور پڑھوहज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
નવા લેખો
नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के दरम्यान इंतिहाई गेहरा ताल्लुक़
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने हज़रत फातिमा रदि अल्लाहु ‘अन्हा से फ़रमाया: إني وإياك وهذا النائم – يعني عليا – وهما – يعني الحسن والحسين – لفي مكان واحد يوم القيامة (أي في الجنة) (المستدرك للحاكم، الرقم: ٤٦٦٤) क़यामत के दिन बेशक मैं और तुम और ये शख्स जो …
اور پڑھوसूरह लहब की तफसीर
تَبَّتْ يَدا أَبِىْ لَهَبٍ وَّتَبَّ ﴿١﴾ مَا أَغْنىٰ عَنْهُ مَالُهُ وَمَا كَسَبَ ﴿٢﴾ سَيَصْلىٰ نَارًا ذَاتَ لَهَبٍ ﴿٣﴾ وَامْرَاَتُهُ حَمَّالَةَ الحَطَبِ ﴿٤﴾ فِىْ جِيْدِهَا حَبْلٌ مِنْ مَسَدٍ ﴿٥﴾ अबू लहब के हाथ टूट जाएं और वो बर्बाद हो जाए (१) न उस का माल उसके काम आया और न उसकी कमाई (२) वह जल्द ही भड़कते शो’लों वाली आग …
اور پڑھوअल्लाह और उसके रसूल सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम से मोहब्बत करने वाला
गज़व ए ख़ैबर के मौके पर, नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: لأعطين الراية غدا رجلا يفتح على يديه، يحبّ الله ورسوله، ويحبّه الله ورسوله. في الغد، دعا رسول الله صلى الله عليه وسلم عليا وأعطاه الراية (من صحيح البخاري، الرقم: ٣٠٠٩) कल, मैं झंडा उस शख्स …
اور پڑھو‘इद्दत की सुन्नतें और आदाब – १
‘इद्दत जब शौहर अपनी बीवी को तलाक दे दे या उसका इन्तेकाल हो जाए या दोनों मिया बीवी के निकाह को फस्ख (ख़तम करना) कर दिया जाए (बशर्ते कि शर’ई अदालत में निकाह के फस्ख करने की शर्तो का लिहाज रखा जाए) तो शरी’अत का हुक्म यह है कि बीवी …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી