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हज़रत स’अद बिन अबी वक्कास रदि अल्लाहु ‘अन्हु को जन्नत की बशारत

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: स’अद जन्नत में होंगे (वो उन लोगों में से हैं जिनको इस दुनिया में जन्नत की बशारत दी गई है।) इस्लाम कबूल करने से पहले हजरत स’अद रदि अल्लाहु ‘अन्हु का ख्वाब हज़रत स’अद रदि अल्लाहु ‘अन्हु फ़रमाते हैं: इस्लाम कबूल करने से …

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आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के नज़दीक आप के रिश्तेदारों में सबसे ज़्यादा मह़बूब

जब हज़रत फातिमा रदि अल्लाहु ‘अन्हा का निकाह हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु से हुआ, तो आप सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने हज़रत फातिमा रदि अल्लाहु ‘अन्हा से फ़रमाया: मैं ने आप का निकाह अपने रिश्तेदारों में से उस शख्स से किया है जो मुझे सबसे ज़्यादा मह़बूब है। रसूलुल्लाह …

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दुवा की सुन्नतें और आदाब – ३

वो लोग जिनकी दुआ कुबूल होती है (१) मां-बाप, मुसाफिर और मज़लूम (पीड़ित) हज़रत अबू हुरैरा रदि अल्लाहु ‘अन्हु से रिवायत है कि हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: तीन दुआ ऐसी हैं कि वो ज़रूर कबूल की जाएगी: – बाप (या मां) की दुआ (उनकी अवलाद के …

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ज़िकर करने और सही दीनी तालीम हासिल करने की अहमियत

हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रहिमहुल्लाह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: मैं शुरू में इस तरह जि़कर करने की तालीम देता हूं: हर नमाज़ के बाद “तस्बीहे़ फातिमा रदि अल्लाहु ‘अन्हा” और तीसरा कलिमा “سبحان الله والحمد لله ولا إلٰه إلا الله والله أكبر ولا حول ولا قوة إلا بالله” और …

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