कुर्दी का किस्सा कुर्द एक कबीले का नाम है, उसमें एक शख़्स मशहूर डाकू था। वह अपना किस्सा बयान करता है कि मैं अपने साथियों की एक जमाअत के साथ डाके के लिए जा रहा था। रास्ते में हम एक जगह बैठे थे। वहां हमने देखा कि खजूर के तीन …
اور پڑھوहज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
નવા લેખો
हज़रत सा’द रदि अल्लाहु अन्हू का बराह-ए-रास्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम से नमाज़ का तरीक़ा सीखना
في السنة الحادية والعشرين من الهجرة، أتى بعض أهل الكوفة سيدنا عمر رضي الله عنه وشكوا إليه سيدَنا سعدَ بن أبي وقاص رضي الله عنه أنه لا يصلّي بهم صلاة صحيحة. فسأله سيدُنا عمرُ رضي الله عنه عن ذلك، فقال: أما أنا والله فإني كنت أصلي بهم صلاة رسول الله …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ४
हज़रत बिलाल हब्शी र’दि अल्लाहु अन्हू का इस्लाम और मसाइब हजरत बिलाल हब्शी र’दि अल्लाहु अन्हू एक मशहूर सहाबी हैं, जो मस्जिदे नबुवी के हमेशा मुअज्जिन रहे। शुरू में एक काफ़िर के गुलाम थे, इस्लाम ले आये जिसकी वजह से तरह-तरह की तकलीफें दिये जाते थे। (मुअज्जिन=अज़ान देने वाले) उमैया …
اور پڑھوफज़ाइले सदकात – २
अल्लाह त’आला की नेमतें एक हदीस में है कि हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने यह सूरत (सूरह तकाषुर) तिलावत फरमायी और जब यह पढ़ा – ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ फिर उस दिन, नेमतों से सवाल किए जाओगे। तो इर्शाद फरमाया कि तुम्हारे रब के सामने तुमसे ठंडे पानी का …
اور پڑھوहज़रत सा’द रदि अल्लाहु अन्हू के लिए नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की दुआ
قيل لسيدنا سعد بن أبي وقاص رضي الله عنه: متى أصبت الدعوة (أي استجابة دعائك)؟ قال: يوم بدر، كنت أرمي بين يدي النبي صلى الله عليه وسلم، فأضع السهم في كبد القوس، أقول: اللهم زلزل أقدامهم، وأرعب قلوبهم، وافعل بهم وافعل، فيقول النبي صلى الله عليه وسلم: اللهم استجب لسعد …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી