خاطب رسول الله صلى الله عليه وسلم الصحابة رضي الله عنهم فقال: خذوا القرآن من أربعة من عبد الله بن مسعود – فبدأ به -، وسالم مولى أبي حذيفة، ومعاذ بن جبل، وأبي بن كعب رضي الله عنهم (صحيح البخاري، الرقم: ٣٨٠٨) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम ने सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अ़न्हुम …
اور پڑھوहज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
ज़कात अदा करने से पूरे माल की हिफ़ाज़त
शैखुल-हदीस हज़रत मौलाना मुह़म्मद ज़करिय्या रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: अगर माल की…
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सबसे अफ़ज़ल दुरूद
अ़ल्लामा सख़ावी रह़िमहुल्लाह फ़रमाते हैं कि सबसे अफ़ज़ल दुरूद दुरूदे-इब्राहीम है; क्योंकि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम ने सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अ़न्हुम को यही दुरूद सिखाया था जब उन्होंने आपसे पूछा कि क़ुरआन मजीद में अल्लाह त’आला ने हमें दुरूद पढ़ने का हुक्म दिया है, तो हम क़ुरआन के इस हुक्म को …
اور پڑھوमस्जिद में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय दुरूद पढ़ना
عن أبي حميد أو أبي أسيد الأنصاري رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا دخل أحدكم المسجد فليسلم على النبي صلى الله عليه وسلم ثم ليقل اللهم افتح لي أبواب رحمتك فإذا خرج فليقل اللهم إني أسألك من فضلك (سنن أبي داود، الرقم: ٤٦٥، وسكت …
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम की ज़बाने-मुबारक से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की क़िराअत की तारीफ़
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من سره أن يقرأ القرآن رطبا كما أنزل فليقرأه على قراءة ابن أم عبد (عبد الله بن مسعود) (مسند أبي يعلى، الرقم: ١٩٤) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: “जो शख़्स क़ुरआन मजीद को उसी तरह (ताज़ा और सही) पढ़ना चाहता है जिस …
اور پڑھوतकब्बुर दूर होने की अलामत
शैखुल-हदीस हज़रत मौलाना मुह़म्मद ज़करिया रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: एक साहब ने ख़त लिखा था कि किब्र (तकब्बुर) के निकलने की अलामत क्या है? मैंने जवाब में लिखवाया कि अगर कोई तुम पर ए’तिराज़ करे, तनक़ीद करे, बुरा कहे, तो देखो! तुम्हारे क़ल्ब (दिल) पर उस का …
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