हज़रत अब्दुल्लाह बिन जाफर रद़ियल्लाहु अन्हु की सखावत एक शख़्स ने हज़रत अब्दुल्लाह बिन जाफर रद़ियल्लाहु अन्हु की ख़िदमत में हाज़िर होकर दो शे’र पढ़े, जिनका मतलब यह है कि: एहसान और हुस्ने-सुलूक उस वक़्त एहसान है जबकि वह उसके अहल और काबिल लोगों पर किया जाये। नालायकों पर एहसान …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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दुआ की सुन्नतें और आदाब – ७
(१७) बेहतर यह है कि जामे’ दुआ करें। हज़रत आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा फ़रमाती हैं कि हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम जामे’ दुआ पसंद फ़रमाते थे और गैर-जामे’ दुआ छोड़ देते थे। नीचे कुछ मसनून दुआ नकल की जा रहे हैं जो मुख़्तलिफ़ अह़ादीसे-मुबारका में वारिद हुई हैं और जामे’ हैं: …
اور پڑھوमद्रेसे के माल में एहतियात
शेखुल-हदीस हज़रत मौलाना मुह़म्मद ज़करिय्या रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: एक बात सुन लो! बड़े हज़रत रायपुरी रह़मतुल्लाहि ‘अलैह फ़रमाया करते थे कि मुझे जितनी मद्रेसे की सरपरस्ती (ट्रस्टी बनने) से डर लगता है, उतना किसी चीज़ से नहीं लगता। कोई आदमी किसी के यहां मुलाज़िम (नौकर) हो, कोताही …
اور پڑھوअल्लाह त’आला की रहमत का धांप लेना
عن أنس رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال: إن لله سيارة من الملائكة يطلبون حلق الذكر فإذا أتوا عليهم حفوا بهم ثم بعثوا رائدهم إلى السماء إلى رب العزة تبارك وتعالى فيقولون...
اور پڑھوटॉयलेट-बाथरूम के अंदर अख़बारात वग़ैरह पढ़ना
सवाल – क्या टॉयलेट-बाथरूम के अंदर, अपनी ज़रूरत को पूरा करने के दौरान अख़बारात, रीसाले वग़ैरह पढ़ना या फ़ोन और इंटरनेट वग़ैरह का इस्तेमाल करना दुरुस्त है? जवाब – टॉयलेट-बाथरूम क़ज़ाऐ-हाजत के लिए है, इस में फ़ोन वग़ैरह का इस्तेमाल करना या अख़बारात वग़ैरह का पढना मुनासिब नहीं है। अल्लाह …
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