सातवीं फ़स्ल किस्सा =२= हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाह अन्हु हज़रत इमाम हसन रज़ि की खिदमत में एक शख़्स हाज़िर हुए और अपनी हाजत पेश करके कुछ मदद चाही और सवाल किया। आपने फ़रमाया: तेरे सवाल की वजह से जो मुझ पर हक कायम हो गया है, वह मेरी निगाह में …
اور پڑھوनबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम का सलाम करने वाले को जवाब देना
عن أبي هريرة رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: ما من أحد يسلم علي إلا رد الله علي رو…
अमर बिल मरूफ और नही अनिल मुन्कर की जिम्मेदारी नौवीं क़िस्त
चार जिम्मेदारियाँ दीन की सुरक्षा की बुनियाद दुनिया में दीन कायम करने के लिए अल्लाह तआला ने रसूलुल्ला…
सूरह फ़लक की तफ़सीर
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ﴿١﴾ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣…
हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मोहब्बत
عن سيدنا أبي الدرداء رضي الله عنه أنه قال: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم ليدني أبا ذر إذا حضر، وي…
इत्तिबा-ए-सुन्नत का एहतिमाम – ११
हज़रत मौलाना अशरफ़ ‘अली थानवी रहमतुल्लाही ‘अलैह हज़रत हकीमुल-उम्मत मौलाना अशरफ़ ‘अ…
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हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु का अल्लाह के खातिर जान कुर्बान करने की बैअत करना
हज़रत सा’द बिन ‘उबादह रज़ियल्लाहु अन्हु ने फ़रमाया: بايع رسولَ الله صلى الله عليه وسلم عصابةٌ من أصحابه على (القتال في سبيل الله حتى) الموت يوم أحد، وكان منهم سيدنا طلحة رضي الله عنه (الإصابة ٣/٤٣١) उहुद के दिन, चंद सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के हाथ …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – १७
सातवीं फ़स्ल किस्सा =१= हज़रत अबूबक्र सिद्दीक रज़ियल्लाहु अन्हु हज़रत अबूबक्र सिद्दीक रज़ियल्लाहु अन्हु की पूरी ज़िन्दगी के वाकिअता इस कसरत से इस चीज़ की मिसालें हैं कि उनका एहाता भी दुशवार है:- ग़ज़व-ए-तबूक के वक़्त जब हुज़ूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने चंदे की तह़रीक फरमाई और हज़रत अबू-बक्र सिद्दीक …
اور پڑھوकोहे हिरा का खुशी से झूमना
ذات مرة، صعد رسول الله صلى الله عليه وسلم جبل حراء ومعه أبو بكر وعمر وعثمان وعلي وطلحة، والزبير وسعد بن أبي وقاص رضي الله عنهم فتحرك (الجبل ورجف)، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم: اسكن حراء فما عليك إلا نبي أو صديق أو شهيد (من صحيح مسلم، الرقم: …
اور پڑھوजहां भी हो, दुरूद शरीफ़ पढ़ो
عن الحسن بن علي رضي الله عنهما أن رسول الله صلى الله عليه و سلم قال حيثما كنتم فصلوا علي فإن صلاتكم تبلغني رواه الطبراني في الكبير بإسناد حسن (الترغيب و الترهيب رقم ٢٥٧١)
हज़रत हसन बिन अली (रज़ि.) से रिवायत है के...
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