हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी (रह़िमहुल्लाह) ने एक बार इर्शाद फ़रमाया: फर्ज़ के अलावा जो नमाज़ है, उन के मुताल्लिक (बारे में), सलफ़ (पेहले बुज़ुर्गो) में यही मामूल था कि घर पर पढ़ते थे, और फी-नफ्सिही इसमें फ़ज़ीलत है; मगर एक जमाअत ऐसी पैदा हो गई कि वो मुअक्कद-नमाज़ की …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
નવા લેખો
हज़रत अब्दुर्रह़मान बिन औफ़ रद़ियल्लाहु अन्हु की सखावत
أوصى سيدنا عبد الرحمن بن عوف رضي الله عنه لكل من شهد بدرا بأربعمائة دينار، فكانوا مائة رجل (كان مائة من أهل بدر أحياء عند وفاته). وكذلك أوصى بخمسين ألف دينار فِي سبيل اللّه. (من أسد الغابة ٣/٣٨٠) हज़रत अब्दुर्रह़मान बिन औफ़ (रद़ियल्लाहु अन्हु) ने अपनी वफ़ात से पहले वसीयत …
اور پڑھوमर्द के लिए चांदी का कंगन पहनना
सवाल- मैं जानता हूं कि मर्द के लिए चांदी की अंगूठी पहनना जायज़ है, लेकिन क्या मर्द के लिए चांदी का कंगन पहनना जायज़ है? जवाब- यह जायज़ नहीं है। मर्द के लिए सिर्फ एक चांदी की अंगूठी पहनना जायज़ है, जो एक मिस्काल से ज़्यादा न हो (यानी 4.374 …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – २४
हज़रत आइशा रद़ियल्लाहु अन्हा की सखावत हज़रत मुन्कदिर रह़िमहुल्लाह एक मर्तबा हज़रत आइशा रद़ियल्लाहु अन्हा की खिदमत में हाज़िर हुए और अपनी सख़्त हाजत का इज़हार किया, उन्होंने फरमाया कि मेरे पास इस वक़्त बिल्कुल कुछ नहीं है, अगर मेरे पास दस हज़ार भी होते तो सब के सब तुम्हें …
اور پڑھوदुरूद-शरीफ़ पढ़ने से सदक़े का सवाब
عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: أيما رجل مسلم لم تكن عنده صدقة فليقل في دعائه: اللهم صل على محمد عبدك ورسولك وصل على المؤمنين والمؤمنات والمسلمين والمسلمات...
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી