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इस्लाम के एक अज़ीमुश्शान मददगार

ذات مرة، قال سيدنا عمر رضي الله عنه عن سيدنا الزبير رضي الله عنه: إن الزبير عمود من عمد الإسلام (أي: حام راسخ من حماة الإسلام). (تاريخ دمشق 18/397) हज़रत ‘उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू ने हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू के बारे में फरमाया: ज़ुबैर इस्लाम के सुतूनों में से …

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फज़ाइले-आमाल – ११

अंधेरे में हज़रत अनस रद़िय अल्लाहु अन्हू का फ़ेल नद़्र बिन अब्दुल्लाह रद़िय अल्लाहु अन्हू कहते हैं कि हजरत अनस रद़िय अल्लाहु अन्हू की जिन्दगी में एक मर्तबा दिन में अंधेरा छा गया। मैं हजरत अनस रद़िय अल्लाहु अन्हू की खिदमत में हाजिर हुआ और अर्ज किया कि हुजूर सल्लल्लाहु …

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फज़ाइले-आमाल – १०

दूसरा बाब: अल्लाह जल्ल जलालुहू व ‘अम्म नवालुहू का ख़ौफ़ और डर दीन के साथ इस जांफ़िशानी के (जान छिड़कने के) बावजूद, जिसके क़िस्से अभी गुज़रे और दीन के लिए अपनी जान व माल, आबरू सब कुछ फ़ना कर देने के बाद जिसका नमूना अभी आप देख चुके हैं, अल्लाह …

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हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू के लिए रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैही व-सल्लम की खुसूसी दुआ

عن سيدنا الزبير رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: من يأت بني قريظة فيأتيني بخبرهم. فانطلقتُ، فلما رجعت، جمع لي رسول الله صلى الله عليه وسلم أبويه فقال: فداك أبي وأمي (صحيح البخاري، الرقم: ٣٧٢٠) हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू बयान करते हैं कि एक …

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फज़ाइले-आमाल – ९

हज़रत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू का क़िस्सा हज़रत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू जिनके पाक नाम पर आज मुसलमानों को फख्र है। और जिनके जोशे-ईमानी से आज तेरह सौ वर्ष बाद तक काफ़िरों के दिल में ख़ौफ़ है, इस्लाम लाने से क़ब्ल मुसलमानों के मुक़ाबले और तकलीफ़ पहुंचाने में भी मुमताज़ …

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