عن أبي هريرة أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: من صلى علي واحدة صلى الله عليه عشرا...
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु का इस्लाम के खातिर तक्लीफें बर्दाश्त करना
خاطب سيدنا سعيد بن زيد رضي الله عنه الناس يوما فقال للقوم: لو رأيتني موثقي عمر (أي: وإن عمر لموثقي) على الإسلام أنا وأخته، وما أسلم (قبل أن يسلم) (صحيح البخاري، الرقم: ٣٨٦۲ ؛ ٣٨٦٧) हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु ने एक मर्तबा लोगों को मुखातिब करते हुए फरमाया: काश …
اور پڑھوकोहे हिरा का खुशी से झूमना
ذات مرة، صعد رسول الله صلى الله عليه وسلم جبل حراء فتحرك (الجبل ورجف)، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم: اثبت حراء، فما عليك إلا نبي، أو صديق، أو شهيد وعدهم رسول الله صلى الله عليه وسلم: أبو بكر، وعمر، وعثمان، وعلي، وطلحة، والزبير، وسعد، وابن عوف، وسعيد بن …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – २५
हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रद़ियल्लाह अन्हुमा की सखावत अबान बिन-उस्मान रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि एक शख़्स ने हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रद़ियल्लाहु अन्हुमा को परेशान और ज़लील करने के लिए यह हरकत की कि कुरैश के सरदारों के पास जाकर यह कहा कि इब्ने-अब्बास (रद़ियल्लाहु अन्हुमा) ने कल सुबह आपकी …
اور پڑھوएक मर्द और पुरुष किस उंगली में अंगूठी पहने
सवाल: क्या मैं अपने बाएं हाथ की शहादत वाली उंगली या दरम्यानी उंगली में अंगूठी पहन सकता हूं? जवाब: मर्द के लिये सिर्फ एक चांदी की अंगूठी पहनना जाईज़ है, जो एक मिस्काल से ज़्यादा न हो (यानी 4.374 ग्राम से ज़्यादा न हो)। उन्हें चांदी की अंगूठी अपनी ख़िन्सर …
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