शैख़ुल हदीष हज़रत मौलाना मुहमंद ज़करिय्या (रह.) ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमायाः तुम अपने समय की कदर करो, ( एेतेकाफ की हालत में ) बातें बिल्कुल न करो, हम सब की नीयत (मंशा) यह हो के दुनिया में जितने दिन के शोबे (सेक्टर) चल रहे हैं, अल्लाह सबको तरक्की दे. …
और पढ़ो »सुबह-शाम दुरूद शरीफ़ पढ़ना
عَن ابي الدرداء رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه و سلم مَن صَلَّى عَلَيَّ حِينَ يُصْبِحُ…
हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ि.) का दुरूद
عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللهُ عَنهُمَا أَنَّهُ كَانَ إذَا صَلَّى عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَ…
रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम के बहोत ज़्यादह ख़ुश होने का कारण
عن أبي طلحة الأنصاري رضي الله عنه قال أصبح رسول الله صلى الله عليه وسلم يوما طيب النفس يرى في وجهه ا…
क़यामत के दिन नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम से ज़्यादा निकट शख़्स
عَن عَبدِ اللهِ بنِ مَسعُودٍ رَضِيَ اللهُ عَنهُ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيهِ وَ سَلَّم ق…
दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए ख़ुशख़बरी
عن عبد الرحمن بن عوف رضي الله عنه قال خرج رسول الله صلى الله عليه وسلم فاتبعته حتى دخل نخلا فسجد فأط…
નવા લેખો
सहाबए किराम की महा क़ुर्बानीयों के बारे में क़ुर्आने करीम की गवाही
अल्लाह सुब्हानहु वतआला का मुबारक फ़रमान हैः لَٰكِنِ الرَّسُولُ وَالَّذِينَ آمَنُوا مَعَهُ جَاهَدُوا بِأَمْوَالِهِمْ وَأَنفُسِهِمْ ۚ وَأُولَٰئِكَ لَهُمُ الْخَيْرَاتُ ۖ وَأُولَٰئِكَ هُمُ الْمُفْلِحُونَ (سورة التوبة: 88) परंतु रसूल और वह लोग जो उन के साथ इमान लाए, उन्होंने अपने माल और अपनी जान से जिहाद किया और उन्ही के लिए …
और पढ़ो »सहाबए किराम (रज़ि.) की ताज़ीम का हुकम
हज़रत रसूले ख़ुदा (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का मुबारक फ़रमान हैः “मेरे सहाबा की इज़्ज़त करो, क्युंके वह तुम में सब से बेहतर हैं फिर वह (तुम में सब से बेहतर हैं) जो उन के बाद आए (ताबिईन) फिर वह जो उन के बाद आए (तबऐ बातिईन).” (मुस्नदे अब्दुर्रज़्ज़ाक़, रक़म नं-२१६३४) …
और पढ़ो »मुसलमान के जीवन का असल उद्देश्य
हज़रत मौलाना मुहमंद इल्यास साहब(रह.) ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमायाः “वक़्त चवलती हुई एक रेल है, घंटे, मिनट और लमहे गोया उस के ड़िब्बे हैं और हमारे मशाग़िल (कामकाज) उस में बैठने वाली सवारियां हैं. अब हमारे दुनयवी और माद्दी (भौतिक) ज़लील मशाग़िल (कामकाज) ने हमारी ज़िन्दगी की रेल के …
और पढ़ो »अन्सार के लिए रसूले करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़ुसूसी दुआ
اللهم اغفر للأنصار، ولأبناء الأنصار، وأبناء أبناء الأنصار (صحيح مسلم، الرقم: ۲۵٠٦) रसूले करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने अन्सार के लिए ख़ुसूसी दुआ फ़रमाई “ए अल्लाह, अन्सार की मग़फिरत फ़रमा, अन्सार की मग़फ़िरत फ़रमा, अन्सार की औलाद की मग़फ़िरत फ़रमा और अन्सार की औलाद की औलाद की मग़फ़िरत फ़रमा.” (सहीह …
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