عن عبد الله بن عمرو بن العاص رضي الله عنهما أنه سمع النبي صلى الله عليه وسلم يقول: إذا سمعتم المؤذن فقولوا مثل ما يقول ثم صلوا علي فإنه من صلى علي صلاة صلى الله عليه بها عشرا...
اور پڑھوमुसीबतों के वक़्त सब्र करना
हज़रत मौलाना मुहम्मद इल्यास साहिब रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फरमाया: सब कारकुनों को समझा दो कि…
नबी ए करीम (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) की शफ़ाअत
नुज़हतुल मजालिस में लिखा है के बाज़ सुलहा में से एक साहब को हबसे बौल हो गया(पेशाब रूक गया). उन्होंने…
वफ़ात से पहले हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की आखिरी बातें
لما احتضر سيدنا بلال رضي الله عنه قال: غدا نلقي الأحبة، محمدا وحزبه فقالت له امرأته حزينة: واويلاه! …
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) का विशेष दुरूद
अबु बकर बिन मुजाहिद अल मुक़री नव मौलूद के वालिद के साथ उठे. वज़ीर के दरवाज़े पर पहोंचे. अबु बकर ने व…
ग़फ़लत की जगहों में दुरूद शरीफ़ पढ़ना
“ए मेरे भतीजे ! मेरी किताब “अश शिफ़ा बितअरीफ़ि हुक़ूक़िल मुस्तफ़ा” को मज़बूती से पकड़ लो और उस को अल…
નવા લેખો
दस ग़ुलाम आज़ाद करने का सवाब
عن البراء بن عازب رضي الله عنه أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: من صلى علي كتب الله عز وجل له بها عشر حسنات ومحا عنه بها عشر سيئات ورفعه بها عشر درجات وكن به عدل عتق عشر رقاب (الصلاة على النبي لابن أبي عاصم، الرقم: 52، وقد ذكره …
اور پڑھوजंगे-उहुद में हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु का हमा-वक़्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के साथ रहना
एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम को मुखातिब कर के फ़रमाया: ألا أخبركم عن يوم أحد وما معي إلا جبريل عن يميني وطلحة عن يساري (المعجم الأوسط، الرقم: ٥٨١٦، المستدرك للحاكم، الرقم: ٥٦١٦) क्या मैं तुम्हें गज़्व-ए-उहुद के दिन की खबर न दूं; जब मेरी दाईं …
اور پڑھوरसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम) के साथ दूसरे अंबिया (अलैहिस्सलाम) पर दुरूद भेजना
عن أنس رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : خرج جبريل عليه السلام من عندي آنفا يخبرني عن ربه عز وجل : ما على الأرض مسلم صلى عليك واحدة إلا صليت عليه أنا وملائكتي عشرا...
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – २०
हज़रत इमाम हसन रज़ि., इमाम हुसैन रज़ि. और हज़रत अब्दुल्लाह बिन जाफर रज़ि. की सख़ावत अबुल हसन मदाइनी रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि हज़रत इमाम हसन रज़ि., इमाम हुसैन रज़ि. और हज़रत अब्दुल्लाह बिन जाफर रज़ि. हज के लिऐ तशरीफ़ ले जा रहे थे, रास्ते में उनके सामान के ऊँट उनसे …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી