हज़रत अबु हुरैरह (रज़ि.) से रिवायत है के एक मर्तबा नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने फ़रमाया के मुझे किसी आदमी के माल से इतना नफ़ा नहीं हुवा जितना मुझे हज़रत अबु बक्र सिद्दीक़ (रज़ि.) के माल से नफ़ा हुवा...
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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ग़ुस्ल में नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को धोना
सवाल: ग़ुस्ल के दौरान मैं अपनी नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को उंगली से धोना भूल गया। क्या मेरा ग़ुस्ल सही है, या मुझे दोबारा ग़ुस्ल करना पड़ेगा? क्या ग़ुस्ल में नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को रगड़ना ज़रूरी है? जवाब: ग़ुस्ल के सही होने के लिए नाफ़ के अंदर उंगली डालना …
اور پڑھوहज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु – हब्शियों में सबसे पहले मुसलमान
عن سيدنا أنس رضي الله عنه أنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: السباق (أقوامهم إلى الإسلام) أربعة: أنا سابق العرب (جئتنهم بالإسلام)، وسلمان سابق الفرس (إلى الإسلام)، وبلال سابق الحبشة (إلى الإسلام)، وصهيب سابق الروم (إلى الإسلام) (المستدرك، الرقم: ٥٢٤٣) हज़रत अनस रद़ियल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं …
اور پڑھوवुज़ू में पैरों की उंगलियों का खिलाल करने का तरीक़ा
सवाल: पैरों की उंगलियों का खिलाल करने का सही तरीक़ा क्या है? जवाब: बाएं हाथ की छोटी उंगली को पैरों की उंगलियों के दरमियान दाखिल करें। दाएं पैर की छोटी उंगली से खिलाल शुरू करें और बाएं पैर की छोटी उंगली पर ख़त्म करें। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. …
اور پڑھوएक मोमिन की ज़िंदगी पर नमाज़ का बड़ा असर
हज़रत मौलाना मुहम्मद इल्यास साहिब रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फरमाया: हमारे नज़दीक इस्लाह की तरतीब यूं है कि (कलिमा-ए-तय्यिबा के ज़रिए ईमानी मुआहदा की तजदीद के बाद) सबसे पहले नमाज़ों की दुरुस्ती और तकमील (पूरा करने) की फिक्र की जाए। नमाज़ की बरकात बाकी पूरी ज़िंदगी को सुधार देंगी। …
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