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फज़ाइले-सदकात – १४

‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह अलामात नवीं अलामत: नवीं अलामत यह है कि उसकी हर हरकत व सुकून से अल्लाह जल्ल शानुहू का ख़ौफ़ टपकता हो। उसकी अज़मत व जलाल और हैबत का असर उस शख़्स की हर अदा से ज़ाहिर होता हो, उसके लिबास से, उसकी आदात से, उसके बोलने से, …

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अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के सबसे ज़्यादा प्यारे लोग

سأل سيدنا عمرو بن العاص رضي الله عنه ذات مرة فقال: يا رسول الله، أي الناس أحبّ إليك؟ قال صلى الله عليه وسلم: عائشة قال: من الرجال (من أحبّ إليك)؟ قال: أبو بكر قال: ثم من؟ قال: عمر قال: ثم من؟ قال: أبو عبيدة بن الجراح (صحيح ابن حبان، الرقم: …

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क़यामत की निशानियां – क़िस्त ६

दज्जाल के दस जिस्मानी और इन्सानी लक्षण मुबारक हदीस में नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने उम्मत के सामने दज्जाल के जिस्मानी और इन्सानी औसाफ़ बयान फ़र्माए हैं। रसूले-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का दज्जाल के जिस्मानी और इन्सानी औसाफ़ को बयान करना इस हकीक़त की तरफ इशारा करता है कि दज्जाल …

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हकीकी कंजूस

हज़रत हुसैन बिन अली इब्ने अबी तालिब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “बख़ील है वह व्यक्ति जिस के सामने मेरा ज़िक्र किया जावे और वह मुझ पर दुरूद न भेजे.”...

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हज़रत अबू-‘उबैदह रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा का भरोसा

سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: من كان رسول الله صلى الله عليه وسلم مستخلفا لو استخلفه؟ قالت: أبو بكر فقيل لها: ثم من بعد أبي بكر؟ قالت: عمر ثم قيل لها من بعد عمر؟ قالت: أبو عبيدة بن الجراح  (صحيح مسلم، الرقم: ٢٣٨٥) हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा से एक …

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