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फज़ाइले-सदकात – २७

हब्शी गुलाम और सखावत हज़रत अब्दुल्लाह बिन-जाफ़र रद़ियल्लाहु ‘अन्हुमा एक मर्तबा मदीना-मुनव्वरह के एक बाग़ पर गुज़रे, उस बाग में हब्शी गुलाम बाग़ का रखवाली था, वह रोटी खा रहा था और एक कुत्ता उसके सामने बैठा हुआ था। जब वह एक लुक़्मा बना कर अपने मुंह में रखता तो …

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मस्बूक के पीछे नमाज़ पढ़ना

सवाल: इमाम के सलाम फेरने के बाद मस्बूक अपनी छूटी हुई रकात पढ़ रहा है। एक शख़्स (जिस की जमात ही छूट गई थी) मस्बूक के साथ नमाज़ में शामिल हो गया और उसके पीछे नमाज़ पढ़ने लगा, तो उसका क्या हुक्म है? क्या उसकी नमाज़ सही होगी? इसी तरह, …

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हज़रत उस्मान रद़ियल्लाहु अन्हु की शहादत पर हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु का हुज़्न-व-ग़म

بعدما قتل البغاةُ سيدنا عثمان رضي الله عنه في المدينة المنورة، خاطب سيدنا سعيد بن زيد -وكان في الكوفة – الناس في مسجد الكوفة فقال لهم: لو أن أحدا ارفض (استطاع أن تتفرق أجزاؤه) للذي صنعتم بعثمان (من ظلمه وقتله) لكان (لارفض) (صحيح البخاري، الرقم: ٣٨٦٢) जब मदीना-मुनव्वरा में बागियों …

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ख़ैर तलब करना

उहद की लड़ाई में हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने दरयाफ़्त फ़रमाया के सअद बिन रबीअ (रज़ि.) का हाल मालूम नही हुवा के क्या गुज़री. एक सहाबी(रज़ि.) को तलाश के लिए भेजा वह शुहदा की जमाअत में तलाश कर रहे थे...

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बच्चे पहली सफ में

सवाल: बच्चो का पहली सफ में मर्दों के साथ खड़े हो जाने के बारे में शरीयत का क्या हुक्म है? क्या यह जायज़ है? जवाब: मर्दों की सफ में बच्चों को नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए; बल्कि बच्चे मर्दो वाली सफ़ों के पीछे अलग सफ बना कर नमाज़ पढ़े। अल्लाह तआला …

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