रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: أوجب طلحة (أي الجنة) (جامع الترمذي، الرقم: 1692) तल्हा ने (जन्नत) को अपने लिए वाजिब कर लिया। हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु उहुद की लड़ाई में हज़रत ज़ुबैर बिन अवाम रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं के हुज़ूर अक़दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के मुबारक बदन पर उहुद …
اور پڑھوबे-मुरव्वती और ना-शुक्री की अलामत
हज़रत क़तादा (रह.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) इरशाद फ़रमाया के “यह असभ्यता…
हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु की तवाज़ु
كان الناس يأتون سيدنا بلالا رضي الله عنه ويذكرون فضله وما قسم الله له من الخير، فيقول بتواضع: إنما أ…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैही व-सल्लम का जन्नत में हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु के जूतों की आवाज़ सुनना
ذات مرة، قال رسول الله صلى الله عليه وسلم لسيدنا بلال رضي الله عنه: سمعت الليلة خشف نعليك بين يدي في…
जुम्आ के दिन दुरूद शरीफ़ पढ़ने की बरकत से दीनी और दुनयवी ज़रूरतों की तकमील
सुलहे हुदैबियह के मोक़े पर नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने हज़रत उषमान (रज़ि.) को मक्का मुकर्…
हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु – इस्लाम के पहले मुअज़्ज़िन
ذكر العلامة ابن الأثير رحمه الله أن سيدنا بلالا رضي الله عنه كان أول من أذن في الإسلام. وكان يؤذّن ل…
નવા લેખો
फज़ाइले-सदकात – १६
‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह अलामात बारहवीं अलामत: बारहवीं अलामत बिदआत (बिदअत) से बहुत शिद्दत और एहतिमाम से बचना है, किसी काम पर आदमियों की कसरत का जमा हो जाना कोई मोतबर चीज़ नहीं। बल्कि असल इत्तिबा हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का है और यह देखना है कि सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम का …
اور پڑھوदुरूद शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى علي مئة صلى الله عليه ألفا ومن زاد صبابة وشوقا كنت له شفيعا وشهيدا يوم القيامة أخرجه أبو موسى المديني بسند قال الشيخ مغلطاي لا بأس به ...
اور پڑھوअम्र बिल-मारूफ और नही अनिल-मुन्कर की जिम्मेदारी – आठवां एपिसोड
रसूले-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की चार बुनियादी जिम्मेदारियाँ रसूले-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम इस दुनिया में लोगों के बीच दीन क़ाइम (स्थापित) करने के लिए भेजे गए और इस अहम और अज़ीम (महान) मकसद को पुरा करने के लिए आप सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को चार जिम्मेदारियाँ दी गईं। इन चार जिम्मेदारियों …
اور پڑھوहज़रत अब्दुल्लाह बिन मस्ऊद रज़ियल्लाह अन्हु की नज़र में हज़रत अबू-उबैदह रज़ियल्लाह अन्हु का बुलंद मक़ाम
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मस्ऊद रज़ियल्लाह अन्हु ने एक बार फ़र्माया: أخلائي من هذه الأمة ثلاثة: أبو بكر وعمر وأبو عبيدة بن الجراح رضي الله عنهم (فضائل الصحابة لأحمد بن حنبل، الرقم: ١٢٧٧) इस उम्मत में मेरे तीन खास दोस्त हैं: अबू-बक्र, उमर और अबू-उबैदह। हज़रत अबू-बक्र रज़ियल्लाहु अन्हु की नज़र …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી