सवाल: पैरों की उंगलियों का खिलाल करने का सही तरीक़ा क्या है? जवाब: बाएं हाथ की छोटी उंगली को पैरों की उंगलियों के दरमियान दाखिल करें। दाएं पैर की छोटी उंगली से खिलाल शुरू करें और बाएं पैर की छोटी उंगली पर ख़त्म करें। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. …
اور پڑھوहज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
ज़कात अदा करने से पूरे माल की हिफ़ाज़त
शैखुल-हदीस हज़रत मौलाना मुह़म्मद ज़करिय्या रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: अगर माल की…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
जुमा के दिन कसरत से दुरूद-शरीफ़ पढ़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : أكثروا الصلاة علي في الليلة الزهرا…
નવા લેખો
एक मोमिन की ज़िंदगी पर नमाज़ का बड़ा असर
हज़रत मौलाना मुहम्मद इल्यास साहिब रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फरमाया: हमारे नज़दीक इस्लाह की तरतीब यूं है कि (कलिमा-ए-तय्यिबा के ज़रिए ईमानी मुआहदा की तजदीद के बाद) सबसे पहले नमाज़ों की दुरुस्ती और तकमील (पूरा करने) की फिक्र की जाए। नमाज़ की बरकात बाकी पूरी ज़िंदगी को सुधार देंगी। …
اور پڑھوसो (१००) हाजतो का पूरा करना
हजीर जाबिर (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “जो व्यक्ति मुझ पर हर दिन सो (१००) बार दुरूद भेजता है, अल्लाह तआला उस की सो (१००) ज़रूरतें पूरी करेंगेः सत्तर (७०) ज़रूरतें उस के आख़िरत के जीवन के बारे में और तीस (३०) ज़रूरतें उस की दुनयवी जीवन से संबंधित.”...
اور پڑھوज़ुहर (Zuhr) से पहले की छूटी हुई सुन्नतें ज़ुहर के बाद अदा करना
सवाल: अगर ज़ुहर से पहले की चार रकात सुन्नतें मैंने नहीं पढ़ीं, तो मैं उन चार रकात सुन्नतों को कब पढूं? क्या ज़ुहर के बाद की दो रकात सुन्नतों से पहले पढूं या दो रकात सुन्नतों के बाद पढूं? जवाब: आप इन चार रकात सुन्नतों को दो रकात सुन्नतों के …
اور پڑھوहज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु के ग़ुस्ल में हज़रत साद बिन-अबी वक़्क़ास और हज़रत अब्दुल्लाह बिन-उमर रद़ियल्लाहु अन्हुम की शिरकत
لما توفي سيدنا سعيد بن زيد رضي الله عنه، كان سيدنا سعد بن أبي وقاص وسيدنا عبد الله بن عمر رضي الله عنهما ممن غسّله (من مجمع الزوائد، الرقم: ١٤٨٨٠ وصحيح البخاري، الرقم: ٣٩٩٠) जब हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु का इन्तिक़ाल हुआ, तो हज़रत साद बिन-अबी वक़्क़ास और हज़रत …
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