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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की तरफ से “अल-फ़य्याज़” का लकब

एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु को मुखातिब करके फ़रमाया: ما أنت يا طلحة إلا فيّاض (تاريخ دمشق ٢٥/٩٣) ऐ तल्हा! यकीनन आप फ़य्याज़ (बहोत ही सखी) हैं। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की तरफ से “अल-फ़य्याज़” का लकब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत तल्हा …

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फज़ाइले-सदकात – १९

हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ि बसरा के चंद कारी हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ि. की ख़िदमत में हाज़िर हुए और अर्ज़ किया कि हमारा एक पड़ोसी है जो बहुत कसरत से रोज़े रखने वाला है, बहुत ज़्यादा तहज्जुद पढ़ने वाला है, उस की इबादत को देख कर हम में से …

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दुरूद शरीफ़ की बरकत से निफ़ाक और जहन्नम से छूटकारा

عَن أنَسِ بنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللهُ عَنهُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيهِ وَ سَلَّمَ مَن صَلَّى عَلَيَّ صَلاَةً وَاحِدَةً صَلَّى اللهُ عَلَيهِ عَشرًا وَمَنْ صَلَّى عَلَيَّ عَشرًا صَلَّى اللهُ عَلَيهِ مِائَةً...

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अपने को मिटाना चाहिए

हज़रत मौलाना अशरफ अली थानवी रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: एक बड़े फ़ाज़िल यहां आए और मुझ से कहा कि कुछ नसीहत कीजिए। मैंने कहा कि आप तो खुद आलिम हैं। मैं आप को क्या नसीहत करूं? उन्होंने फिर इसरार किया। मैंने कहा: मुझे तो बस एक ही सबक …

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फज़ाइले-आमाल – २४

तीसरा बाब सहाबा किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम अज्मईन के ज़ुह्द्द और फ़क़र के बयान में इस बारे में खुद नबी-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अपना मामूल और वाक़िआत, जो इस अम्र पर दलालत करते हैं कि यह चीज हुज़र सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की खुद इख्तियार फ़रमायी हुई और पसन्द की हुई …

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