मुलाक़ात के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत अनस (रज़ि.) से रिवायत है के नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “दो एसे मु…
मस्जिद में दाख़िल होने और मस्जिद से निकलने के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
عن فاطمة رضي الله عنها قالت: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا دخل المسجد صلى على محمد وسلم وقال …
फ़ज़र की नमाज़ और मग़रिब की बाद सो (१००) बार दुरूद शरीफ़
तो हज़रत उम्मे सुलैम (रज़ि.) ने एक शीशी ली और उस में आप (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का मुबारक पसीना जम…
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के चार मुअज़्ज़िन
حظي أربعة من الصحابة رضي الله عنهم بشرف كونهم مؤذني رسول الله صلى الله عليه وسلم. اثنان عينهما رسول …
हज़रत जिब्रील ‘अलैहिस्सलाम और रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की बद-दुआ
जो बुलंद आवाज़ से दुरूद शरीफ़ पढ़ेगा, उस को जन्नत मिलेगी, तो में ने और मजलिस के दीगर लोगों ने भी बुल…
નવા લેખો
हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की फ़ज़ीलत के बारे में हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अन्हु की गवाही
كان سيدنا عمر رضي الله عنه يقول: أبو بكر سيدنا، وأعتق سيدنا يعني بلالا (صحيح البخاري، الرقم: 3754) हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अन्हु फरमाया करते थे: “अबू-बक्र हमारे सरदार हैं और उन्होंने हमारे सरदार (यानी बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु) को आज़ाद किया।” मुल्के-शाम में हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की अज़ान यह वाकया …
اور پڑھوदुरूद-शरीफ लिखने वाले के लिए फ़रिश्तों का मग्फ़िरत तलब करना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من صلى علي في كتاب لم تزل الملائكة تستغفر له ما دام اسمي في ذلك الكتاب (المعجم الأوسط للطبراني، الرقم: ۱۸۳۵، وسنده ضعيف كما في كشف الخفاء، الرقم: ۲۵۱۸) हज़रत अबू-हुरैरह रज़ियल्लाहु ‘अन्हु से रिवायत है …
اور پڑھوकुरान शरीफ के साथ जुड़े हुए गिलाफ को छूने का मसअला
सवाल: क्या कुरान-शरीफ से मुत्तसिल (यानी जुड़े हुए) गिलाफ को छूने के लिए बा-वज़ू (वज़ू के साथ) होना ज़रूरी है? जवाब: हां। चूंकि यह गिलाफ कुरान-मजीद के साथ मुत्तसिल (जुड़ा हुआ) है; इसलिए इसे छूने के लिए बा-वज़ू होना ज़रूरी होगा। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. (ومنها) حرمة مس …
اور پڑھوहज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के खजांची
كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا تلقى مالا للمسلمين، أودعه عند سيدنا بلال رضي الله عنه (معينا له خازنا عليه) (من الإصابة ١/٤٥٥) जब भी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के पास मुसलमानों के लिए कोई माल आता था, तो आप सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम उसे हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી