हज़रत मौलाना इलियास साहब रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: अपनी तही-दस्ती का यकीन (यानी अपने ना-अहल होने का यकीन) ही कामयाबी है। कोई भी अपने अमल से कामयाब न होगा। महज़ अल्लाह के फज़ल से कामयाब होगा। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम फ़रमाते है: لن يدخل الجنة احد بعمله قالوا …
اور پڑھوहज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
નવા લેખો
रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम) की दुआ का फ़ायदा
عن أنس بن مالك قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي صلاة واحدة بلغتني صلاته وصليت عليه وكتب له سوى ذلك عشر حسنات...
اور پڑھوकयामत की निशानियां – सातवां एपीसोड
पहला हिस्सा: दज्जाल के तीन खास हथियार: दौलत, औरत और खेलकूद जब दज्जाल लोगो के सामने आयेगा तो लोगो को गुमराह करने के लिए तीन खास हथियार इस्तेमाल करेगा और वो तीन हथियार दौलत, औरत और खेलकूद हैं। अल्लाह तआला उसे बाज़ ऐसे काम अंजाम देने की ताकत अता करेगा …
اور پڑھوहज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु के लिए जन्नत की बशारत
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: طلحة في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) तल्हा जन्नत में होंगे (याने वो उन लोगो में से हैं जिन्हें इस दुनिया ही में जन्नत की खुश्खबरी दे दी गई।) हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु की सखावत सु’दा …
اور پڑھوइद्दत की सुन्नत और आदाब – ४
इद्दत में बैठी हुई औरत से निकाह दीने-इस्लाम में इद्दत में बैठी हुई औरत से इद्दत के दौरान निकाह करना हराम है। (१) अगर निकाह करने वाले ने उस औरत से निकाह कर लिया, जब कि उस को मालूम था कि अब तक उस औरत की इद्दत पूरी नहीं हुई …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી