तीन तबक़ों में ख़ुसूसियत से जाना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाहि अ़लैह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: हमारी तबलीग़ में का…
हज़रत अब्दुल्लाह बिन-मसऊद रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम का एतेमाद (भरोसा)
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: لو كنت مؤمرا أحدا (على جيش) من غير مشورة (الصحابة، عند صعوبة جمعهم…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकू़क़
हम अपनी ज़िंदगी में हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के एहसानात का जायज़ा लें, तो हमें माल…
बदनसीब इन्सान
جابر بن عبد الله رضي الله عنهما يقول: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من ذكرت عنده فلم يصل علي فقد…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – १
मुसीबत-ज़दा लोगों के साथ ताज़ियत इस्लाम एक जामे और मुकम्मल तर्ज़े-ज़िंदगी है। उस में इन्सान की हर ज़…
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फज़ाइले-आमाल – ३५
सहाबा किराम रद़ियल्लाहु अन्हुम के तक़्वा के बयान में हज़रात सहाबा-ए-किराम रद़ियल्लाहु अन्हुम की हर आदत, हर खसलत इस क़ाबिल है कि उसको चुना जाए और उसका इत्तिबा किया जाए और क्यों न हो कि अल्लाह जल्ल शानुहू ने अपने लाडले और महबूब रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मुसाहबत के …
اور پڑھوदुरूद शरीफ़ ग़ुर्बत दूर करने का ज़रीआ
हज़रत अबु हुरैरह (रज़ि.) से रिवायत है के एक मर्तबा नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने फ़रमाया के मुझे किसी आदमी के माल से इतना नफ़ा नहीं हुवा जितना मुझे हज़रत अबु बक्र सिद्दीक़ (रज़ि.) के माल से नफ़ा हुवा...
اور پڑھوग़ुस्ल में नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को धोना
सवाल: ग़ुस्ल के दौरान मैं अपनी नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को उंगली से धोना भूल गया। क्या मेरा ग़ुस्ल सही है, या मुझे दोबारा ग़ुस्ल करना पड़ेगा? क्या ग़ुस्ल में नाफ़ के अंदरूनी हिस्से को रगड़ना ज़रूरी है? जवाब: ग़ुस्ल के सही होने के लिए नाफ़ के अंदर उंगली डालना …
اور پڑھوहज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु – हब्शियों में सबसे पहले मुसलमान
عن سيدنا أنس رضي الله عنه أنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: السباق (أقوامهم إلى الإسلام) أربعة: أنا سابق العرب (جئتنهم بالإسلام)، وسلمان سابق الفرس (إلى الإسلام)، وبلال سابق الحبشة (إلى الإسلام)، وصهيب سابق الروم (إلى الإسلام) (المستدرك، الرقم: ٥٢٤٣) हज़रत अनस रद़ियल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं …
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