सवाल: बच्चो का पहली सफ में मर्दों के साथ खड़े हो जाने के बारे में शरीयत का क्या हुक्म है? क्या यह जायज़ है? जवाब: मर्दों की सफ में बच्चों को नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए; बल्कि बच्चे मर्दो वाली सफ़ों के पीछे अलग सफ बना कर नमाज़ पढ़े। अल्लाह तआला …
اور پڑھوनबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम का सलाम करने वाले को जवाब देना
عن أبي هريرة رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: ما من أحد يسلم علي إلا رد الله علي رو…
अमर बिल मरूफ और नही अनिल मुन्कर की जिम्मेदारी नौवीं क़िस्त
चार जिम्मेदारियाँ दीन की सुरक्षा की बुनियाद दुनिया में दीन कायम करने के लिए अल्लाह तआला ने रसूलुल्ला…
सूरह फ़लक की तफ़सीर
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ﴿١﴾ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣…
हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मोहब्बत
عن سيدنا أبي الدرداء رضي الله عنه أنه قال: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم ليدني أبا ذر إذا حضر، وي…
इत्तिबा-ए-सुन्नत का एहतिमाम – ११
हज़रत मौलाना अशरफ़ ‘अली थानवी रहमतुल्लाही ‘अलैह हज़रत हकीमुल-उम्मत मौलाना अशरफ़ ‘अ…
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अल्लाह तआला की रज़ामंदी का हुसूल
हज़रत आंईशा (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह(सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “जो आदमी यह तमन्ना करता है के अल्लाह तआला से इस हाल में मिले के वह (अल्लाह तआला) उस से राज़ी हों, तो...
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३४
शैतान का कौल है कि कलिमा-ए-तय्यिबा और इस्तिग़्फार ने मुझे हलाक कर दिया عن أبي بكر الصديق رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم: عليكم بلا إله إلا الله والاستغفار فأكثروا منهما فإن إبليس قال: أهلكت الناس بالذنوب وأهلكوني بلا إله إلا الله والإستغفار فلما رأيت ذلك …
اور پڑھوहज़रत उम्मे-सलमह रद़ियल्लाहु अन्हा की हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु को अपनी नमाज़े-जनाज़ा पढ़ाने की वसीयत
أوصت أم المؤمنين السيدة أم سلمة رضي الله عنها أن يصلي عليها سعيد بن زيد رضي الله عنه (مصنف ابن أبي شيبة، الرقم: ١١٢٩٩) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की ज़ौजा-ए-मुहतरमा हज़रत उम्मे-सलमह रद़ियल्लाहु अन्हा ने वसीयत की थी कि उन की वफ़ात के बाद हज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु उन …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३३
सरीयतुल-अम्बर में फ़क़र की हालत नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने रजब सन् ०८ हिजरी में समुन्दर के किनारे एक लश्कर तीन सौ आदमियों का जिन पर हज़रत अबू-उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु अमीर बनाये गए थे, भेजा । हुज़ूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने एक थैली में खजूरों का तोशा भी दिया। …
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